गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो. विनोद कुमार सिंह ने सर्जिकल स्ट्राइक को पाकिस्तान के नाभिकीय आतंक और भय को खत्म करने का प्रयास बताया। कहा कि यह भारतीय विदेश नीति के बदलते आयाम को दर्शाता है। विभिन्न कालखंडों में भारत की विदेश नीति राजनीतिक इच्छाशक्ति के अनुरूप बदलती रही है। वर्तमान सरकार की इच्छाशक्ति से राष्ट्रीय सुरक्षा सशक्त हुई है। आज आक्रामक होती विदेश नीति को राष्ट्रीय सुरक्षा के संबंध में सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में देखा जाना चाहिए।
वह शुक्रवार को सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के अवसर पर डीवीएन पीजी के रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ’भारतीय विदेश नीति के बदलते आयाम: राष्ट्रीय सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि एयर स्ट्राइक के दौरान भारतीय पायलट अभिनंदन द्वारा पाकिस्तान के लड़ाकू विमान एफ-16 को मार गिराया जाना व पाकिस्तान की सीमा में पकड़े जाने के बाद उन्हें ससम्मान पाकिस्तान द्वारा वापस किया जाना, भारत की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति व सफल कूटनीति का परिचायक है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने अध्यक्षीय उद्बोधन में भारतीय विदेश नीति के मूल सिद्धांतों की चर्चा करते हुए भारत-पाकिस्तान संबंधों व भारत-चीन संबंधों के विविध पक्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत में हुए जी-20 सम्मेलन के सफल आयोजन से वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका बढ़ी है।
कार्यक्रम का संचालन रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग के प्रभारी डॉ. राम प्रसाद यादव ने किया। इस अवसर पर शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।