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सुरेंद्र हत्याकांड: किसने जिंदा जलाया, राज खोलेगी CCTV फुटेज और शराब की बोतल

Tue, 01 Aug 2023 02:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

पुलिस को घटनास्थल से देसी शराब की एक बोतल मिली है। पुलिस को आशंका है कि पहले सुरेंद्र को शराब पिलाई गई। जब वह बेसुध हो गया तो फिर जला दिया गया। बेसुध होने की वजह से सुरेंद्र चीख-पुकार नहीं कर रहा था।
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सुरेंद्र हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर में चौरीचौरा के देवीपुर गांव में झोपड़ी में सुरेंद्र यादव को जिंदा जलाकर मार डालने वाले कौन हैं, इसकी गुत्थी पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और मौके पर मिली देसी शराब की खाली बोतल के जरिए सुलझाने की कोशिश में जुटी है। सुरेंद्र यादव की बहन रीता देवी की तहरीर पर प्रधान प्रतिनिधि को आरोपी तो बना दिया गया है, लेकिन वारदात को उसने ही अंजाम दिया है, यह पुलिस भी पूरी तरह नहीं मान रही है।

पुलिस के हाथ प्रधान प्रतिनिधि के घर के बाहर लगा सीसीटीवी कैमरा लगा है, बताया जा रहा है कि उसमें प्रधान प्रतिनिधि व परिवार की मौजूदगी नजर आ रही है। यही वजह है कि पुलिस ने केस दर्ज कर करने के बाद हर पहलु पर जांच तेज कर दी है। वहीं, पुलिस को मिली देसी शराब की खाली बोतल के बार कोड से पता चला है कि उसे तरकुलहा की दुकान से खरीदा गया था। दुकान के सीसीटीवी कैमरे को भी पुलिस खंगाल रही है। मामले के पर्दाफाश के लिए पुलिस की अलग-अलग तीन टीमें लगी हैं।

 
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सुरेंद्र हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, जिस बहन रीता ने प्रधान प्रतिनिधि को आरोपी बनाया है, उसके ही बयान ने पुलिस को उलझा भी दिया है। उसने पुलिस को पूछताछ में बताया कि चाचा रामजीत ने प्रधान प्रतिनिधि को फंसाने के लिए एकबार खुद की बेटी को गोली मार दी थी।

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उसने यह भी बताया कि जमीन भी बेच दी गई है। उसके बदले मिले 29 लाख रुपये उसकी मां के खाते में आए हैं, जिस वजह से तीन-चार दिन पहले मारपीट भी हुई थी। चाचा रामजीत रुपये को मांग रहे थे। सुरेंद्र का भाई योगेंद्र बचपन से ही चाचा के साथ रहता है, इसलिए वह भी रुपये देने के लिए दबाव बना रहा था। इस बयान के बाद पुलिस ने जांच तेज की तो प्रधान के घर के सामने ही दो सीसीटीवी कैमरे मिल गए, जिसकी रिकॉर्डिंग को पुलिस ने अपने पास सुरक्षित रख लिया है।
 
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सुरेंद्र हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
आशंका: पहले शराब पिलाई, बेसुध हुआ तो जलाकर मार डाला
पुलिस को घटनास्थल से देसी शराब की एक बोतल मिली है। पुलिस को आशंका है कि पहले सुरेंद्र को शराब पिलाई गई। जब वह बेसुध हो गया तो फिर जला दिया गया। बेसुध होने की वजह से सुरेंद्र चीख-पुकार नहीं कर रहा था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

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सुरेंद्र हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
प्रधान के घरवाले बोले, साजिशन फंसाया जा रहा है
ग्राम प्रधान के घरवाले और कुछ ग्रामीणों ने बताया कि जमीन पर रामजीत के परिवार का कब्जा था, जहां पर सोमवार को पानी की टंकी का भूमिपूजन होना था। इसके पहले इस तरह की घटना साजिशन फंसाए जाने की ओर संकेत कर रही है। उनका कहना है कि किसी अन्य व्यक्ति ने झोपड़ी में आग लगाई होगी। फंसाने के लिए प्रधान प्रतिनिधि पर आरोप लगाया जा रहा है।

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सुरेंद्र हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
अविवाहित था सुरेंद्र
सुरेंद्र यादव अविवाहित था। वह पहले ट्रक ड्राइवर था। दस साल पहले दुर्घटना में घायल हो गया। सिर व पैर में चोट आने की वजह से वह लगवाग्रस्त हो गया था। उसके दोनों पैर काम नहीं कर रहे थे। उसका दिमाग भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। वह ट्राई साइकिल से चलता था। गांव के पास ही सड़क किनारे प्लास्टिक की पन्नी की झोपड़ी बनाकर उसमें रहता था। रविवार की रात में भोजन करने के बाद वह वहीं सो गया था। रात में अचानक झोपड़ी में आग लग गई। इस आग में सुरेंद्र की जलकर मौत हो गई। सुरेंद्र के पिता लालजी यादव की मौत 20 साल पहले हुई थी। वह अपनी मां के साथ रहता था। उसका छोटा भाई योगेंद्र भी ट्रक चलाता है, वह अपने चाचा रामजीत के साथ रहता है। झोपड़ी से 50 मीटर दूर चाचा रामजीत का तो 700 मीटर दूर प्रधान का घर है।

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सुरेंद्र हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला।
इस वजह से पुलिस को परिवार के करीबी पर संदेह
  • केस दर्ज कराने वाली सुरेंद्र की बहन ने चाचा पर पहले सवाल उठाए, फिर दर्ज कराया केस।
  • सीसीटीवी कैमरे में आरोपी अपने घर में घुसते नजर आया, लेकिन रात में वह निकलते नहीं मिला।
  • घटना के समय जलने का वीडियो बनाया गया, लेकिन बचाव की कोशिश नहीं की गई।
  • जमीन के रुपये को लेकर घर में कुछ दिन पहले मारपीट हुई थी।
  • सुरेंद्र के चाचा रामजीत पर लेखपाल से मारपीट करने के मामले में दो केस दर्ज है।
  • प्रधान प्रतिनिधि का परिवार से सीधे जमीन का कोई विवाद सामने नहीं आना।


 
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सुरेंद्र हत्याकांड: झोपड़ी में आग लगने से दिव्यांग की मौत। - फोटो : अमर उजाला।
पहले भी हुई हैं इस तरह की घटनाएं
  • 13 मई 2023: कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के गोपलापुर में गीता देवी को बेटे की प्रेमिका ने जला दिया था। बाद में एक जून को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा था।
  • 08 अप्रैल 2021: बड़हलगंज थाना क्षेत्र में घर में सोए राकेश को जिंदा जलाकर मार डाला गया था। बाद में पुलिस ने पड़ोसियों को आरोपी बनाते हुए जेल भेजा था।
  • 23 अक्तूबर 2017: गोरखपुर विश्वविद्यालय के हॉस्टल में दो छात्रों को जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी, हालांकि वह बच गए थे।
  • 22 अप्रैल 2020: चौरीचौरा के पोखरभिंडा गांव में वीरेंद्र निषाद की पत्नी चंपा देवी को झोपड़ी में जिंदा जला दिया गया था।
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