कबड्डी खिलाड़ी सुनील और प्रवेश।
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हरियाणा प्रांत के सोनीपत निवासी सुनील और प्रवेश पिछले दिनों एशियाड में पदक जीतने वाली भारतीय कबड्डी टीम में शामिल रहे। अब ये दोनों गोरखपुर में पूर्वोत्तर रेलवे की टीम को जिताने के लिए अभ्यास में जुटे हैं। खेल मैदान पर बातचीत में सुनील और प्रवेश ने बताया कि कबड्डी में भारतीय टीम दुनिया भर में अपनी सफलता और ताकत के लिए पहचानी जाती है। बड़े मुकाबलों के लिए खुद को तपाया गया। इसी का फायदा एशियाड में भी मिला।
सुनील और प्रवेश ने बताया कि हरियाणा में कुश्ती और कबड्डी के लिए बचपन से माहौल मिलता है। इसका फायदा वहां के युवाओं को हो रहा है। पूर्वांचल में भी बहुत से मेधावी खिलाड़ी हैं। गोरखपुर में प्रैक्टिस के दौरान तमाम ऐसे खिलाड़ी मिलते हैं, जिन्हें अगर पहले सही माहौल मिला होता, तो आज वे भी राष्ट्रीय फलक पर चमक बिखेर रहे होते।
प्रैक्टिस की चर्चा करते हुए सुनील और प्रवेश ने बताया कि रेलवे की नौकरी के दौरान सबसे बड़ा फायदा यही मिलता है कि प्रैक्टिस के लिए कभी समय की कमी आड़े नहीं आती। एशियाड के लिए टीम में चयनित होने से पहले ही हमें अच्छा माहौल मिला था। दोनों खिलाड़ियों ने बताया कि हर दिन चार से पांच घंटे मैदान पर पसीना बहाते हैं।
सुनील ने कहा कि कबड्डी टीम गेम है। मैदान पर आपको विपक्षी खिलाड़ी की गतिविधि के साथ-साथ अपनी टीम के खिलाड़ियों की गतिविधियों पर भी नजर रखनी होती है और पलक झपकते ही निर्णय में शामिल होकर अपनी सहभागिता देनी होती है। प्रवेश ने बताया कि खेल में आगे बढ़ने के लिए उचित प्रशिक्षण जरूरी है।