आरोपियों के खिलाफ गोरखपुर, देवरिया व लखनऊ में धोखाधड़ी के 10 मामले दर्ज हैं। जबकि लखनऊ के महानगर थाने से आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनपर गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी।
नासा में निवेश के नाम पर ठगी के मामले में जेल भेजे गए सुकांता बनर्जी, अमित नंदी व गिरोह के गुर्गों ने कई फर्जी कंपनियां खोली थीं। इनके जरिये बीते दो साल में सौ से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ कर भाग गए। इसका पर्दाफाश पुलिस की जांच में हुआ है। जालसाजों के खिलाफ गोरखपुर, देवरिया और लखनऊ में धोखाधड़ी के 10 से अधिक मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन
रामगढ़ताल पुलिस ने बीते सोमवार को सिंचाई विभाग के ठेकेदार मदन मोहन शुक्ला से 80 लाख रुपये की ठगी के मामले में कोलकाता निवासी सुकांता बनर्जी को जेल भिजवा था। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद जब मामले की जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
पता चला कि सुकांता बनर्जी ने कुछ साल पहले एमआईएस सिंडिकेट ऑफ आरएमपीएस व एजिस फिनकैप कंसलटेंट लिमिटेड के नाम से कंपनियां खोलीं। इसके बाद उन कंपनियों को नासा से संबद्ध बताते हुए लोगों को उसके स्पेस शटल और न्यूक्लियर एनर्जी के इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की खरीद-फरोख्त का झांसा दिया।
आरोपी 100 गुना मुनाफा कमाने का झांसा देकर 30 लाख रुपये से लेकर 80 लाख रुपये तक निवेश कराते थे। ठगी के बाद जब रकम वापसी की बात होती तो जालसाज तकनीकी कारणों, अमेरिकी एजेंसी की जांच या टैक्स प्रोसेस का बहाना बनाते थे। पिछले दो सप्ताह में चार नए पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क किया है।
इनमें से पुलिस ने बड़गो निवासी विभवधर दुबे, बड़गो वार्ड नं. 11 निवासी सतीश चंद्र धर दुबे और मदन मोहन शुक्ला की तहरीर पर सुकांता बनर्जी, जितेंद्र कोठारी, शालिनी नासकर, श्री अग्रवाल, कानपुर के सिंधी काॅलोनी निवासी सुरेश रमानी व लखनऊ के महानगर सचिवालय कॉलोनी निवासी अमित कुमार नंदी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
सीओ कैंट योगेंद्र सिंह के अनुसार, अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर सुकांता बनर्जी और उसके साथियों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। भागे आरोपियों की लोकेशन कोलकाता में मिली है। संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी चल रही है।
कोलकाता से चलाया जा रहा था नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह नेटवर्क कोलकाता से ऑपरेट किया जा रहा था। मुख्य आरोपी सुकांता बनर्जी अपने साथियों के जरिये ठगी का खेल कर रहा था। पुलिस ने कोलकाता में उसके सक्रिय सहयोगियों की लोकेशन ट्रेस की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक सामने आए साक्ष्यों के आधार पर सुकांत और उसके साथियों के खिलाफ कई धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। कोलकाता स्थित संभावित ठिकानों पर दबिश की तैयारी चल रही है।
गोरखपुर, देवरिया व लखनऊ में दर्ज हैं केस
आरोपियों के खिलाफ गोरखपुर, देवरिया व लखनऊ में धोखाधड़ी के 10 मामले दर्ज हैं। जबकि लखनऊ के महानगर थाने से आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनपर गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की जाएगी।