त्योहारों के बीच चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से बाजार का जायका बिगड़ने लगा है। महीनेभर में चीनी के थोक भाव में 850 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी हुई है। सितंबर में 4,350 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाली चीनी अक्तूबर में 5,200 रुपये तक पहुंच गई है।
जमाखोरी की आशंका, स्टाॅक का ब्योरा देना अनिवार्य
वहीं, मोटे दाने वाली चीनी का भाव 5,300 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। जमाखोरी की आशंका को देखते हुए सरकार ने स्टाॅक का ब्योरा देना अनिवार्य कर दिया है। कीमतों में अचानक आई तेजी से बाजार में किल्लत और जमाखोरी की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, उप गन्ना आयुक्त का कहना है कि मंडल में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
मंडल में अभी 3.2 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध
चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए स्टॉक की निगरानी बढ़ा दी गई है। चीनी डीलरों, व्यापारियों और थोक उपभोक्ताओं को प्रत्येक शुक्रवार भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध स्टॉक का ब्योरा देना अनिवार्य किया गया है। गलत जानकारी देने या विवरण अपडेट नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उप गन्ना आयुक्त राजीव राय के अनुसार, मंडल में वर्तमान में करीब 3.2 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। चीनी मिलों का नियमित निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी की जा रही है। व्यापारियों को अपने स्टॉक की सही जानकारी देनी होगी। ब्योरा नहीं देने या गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत चीनी डीलरों, व्यापारियों और थोक उपभोक्ताओं को प्रत्येक शुक्रवार भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर अपने स्टॉक की जानकारी अपडेट करनी होगी। इसका उद्देश्य चीनी की उपलब्धता और भंडारण पर नजर रखना है। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए गोदामों और चीनी मिलों की जांच पर भी जोर दिया जा रहा है।