पिपरौली ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह भी टॉप टेन बदमाशों की सूची में
गोरखपुर। अपराध के रास्ते राजनीति में आए लोगों पर नजर रखने के लिए जिले के टॉप टेन बदमाशों की पुरानी सूची खंगाली जा रही है। कानपुर की घटना से पहले ही जिले में बनी ऐसी ही एक टॉप टेन की सूची में पिपरौली ब्लॉक प्रमुख सुधीर सिंह का नाम तीसरे नंबर पर दर्ज है। सुधीर के अलावा सूची में माफिया प्रदीप सिंह, विनोद उपाध्याय और अयोध्या जायसवाल का नाम शामिल है। सूची में एक मृत बदमाश का नाम भी शामिल है। पुलिस अब बदमाशों के आपराधिक इतिहास व उनकी गतिविधि की जानकारी नए सिरे से तलाश रही है।
जानकारी के मुताबिक, कानपुर मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद से ही पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। अफसर किसी भी बदमाश को राजनीतिक हो या दूसरा संरक्षण, छोड़ने के मूड में नहीं है। इसी क्रम मेें जिले के टॉप टेन की सूची निकाली गई है जिसे अब अपडेट भी किया जा रहा है। आपको बताएं, यूपी में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पूर्व पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने सभी जिलों से टॉप टेन बदमाशों की एक सूची तैयार कराई थी। इस सूची में उन लोगों के नाम भेजे गए थे, जिनके खिलाफ सख्ती से पूरे जिले में शांति कायम रह सके। इसी क्रम में गोरखपुर पुलिस ने 10 लोगों का नाम शासन को भेजा था। लिस्ट में शामिल बदमाशों में ज्यादातर जमानत पर बाहर हैं।
टॉप टेन बदमाशों की सूची में हैं ये
गोरखपुर के टॉप टेन में पहले नंबर पर झंगहा का एक लाख का इनामी राघवेन्द्र यादव है। उस पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या कर वह फरार है। दूसरे नंबर पर प्रदीप सिंह का नाम है। प्रदीप पर 51 मुकदमे हैं और वह जमानत पर बाहर है। तीसरा नाम सुधीर सिंह का है। सुधीर पर 27 मुकदमे हैं। वह पिपरौली से ब्लॉक प्रमुख हैं। चौथे नंबर पर विनोद उपाध्याय का नाम है वह भी जमानत पर है। उसके खिलाफ 27 मुकदमे हैं। पांचवें नंबर पर अयोध्या जायसवाल का नाम है। उस पर 17 मुकदमे हैं। वह भी जमानत पर बाहर है। छठे नंबर पर रविन्द्र ढाढ़ी का नाम था। उस पर 32 मुकदमा दर्ज था। रविन्द्र ढाढ़ी की 22 नवंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हालांकि अभी उसका नाम लिस्ट से नहीं निकला है। इसके अलावा बलिराम तिवारी, हरिकृष्ण मिश्रा, मनीष साहनी और मुजम्मिल उर्फ बाबू शेख के नाम भी इस सूची में शामिल हैं।
कोट
पिछले नवंबर में सूची तैयार की गई थी। जिस वजह से मृतबदमाश का नाम शामिल है, उसे हटाया जाएगा। एक्टिव बदमाशों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक-एक का रिकार्ड तैयार कराया जा रहा है।
डॉ. सुनील गुप्ता, एसएसपी