अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर के निर्माण में इस्तेमाल हो रही अत्याधुनिक लैच मोड तकनीक से मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय के छात्र भी रूबरू होंगे। इस तकनीक पर आधारित पाठ्यक्रम भी विश्वविद्यालय प्रशासन जुलाई के सत्र से शुरू करने जा रहा है। इसके लिए श्रीराम मंदिर बना रही लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) कंपनी से विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द ही अनुबंध करने जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब बीटेक के छात्रों को उद्योग पर आधारित पाठ्यक्रम पढ़ाने का निर्णय लिया है। ताकि छात्र कक्षाओं में पढ़ाई के बाद विभिन्न उद्योग में जाकर सीख सकें। इस पाठ्यक्रम का शुल्क 2500 रूपये होगा और इसे किसी भी ब्रांच के छात्र पढ़ सकेंगे। लैच मोड तकनीक पर पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए एक कमेटी बना दी गई है, जिसमें दो प्रोफेसर शामिल हैं।
दरअसल, इस समय बीटेक में इंफार्मेशन टेक्नालॉजी और कम्प्यूटर सांइस की ज्यादा मांग है। ज्यादातर छात्र इसी दोनों ब्रांच की पढ़ाई में रूचि दिखाते हैं। अन्य बांच से बेहतर कैंपस सेलेक्शन हो, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने उद्योग आधारित पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई है।