कोरोना महामारी की वजह से पॉलिटेक्निक संस्थानों में कई सीटें खाली हैं। सीटों को भरने के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद ने यूपी जेईई -2020 में शामिल नहीं होने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रवेश देने का फैसला लिया है। ये अभ्यर्थी छठवें से नौंवे चरण की काउंसिलिंग के दौरान अनुदानित और निजी पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रवेश ले सकते हैं। कोरोना के चलते परिषद ने प्रवेश के नियमों में बदलाव किया है।
छठे चरण के लिए पंजीकरण कराने की आखिरी तिथि समाप्त हो गई है। मगर सातवें चरण के लिए पंजीकरण 6-12 नवंबर तक ऑनलाइन होगा। इन चरणों में यूपी जेईई-2020 में शामिल होने वाले ऐसे विद्यार्थियों को भी प्रवेश लेने का मौका मिलेगा, जिन्होंने पूर्व में हुए पांच चरण की काउंसिलिंग में प्रवेश नहीं लिया है।
इन अभ्यर्थियों को विकल्प के रूप में राजकीय, अनुदानित और निजी सभी पॉलिटेक्निक का विकल्प ऑनलाइन चुनने का विकल्प दिया जाएगा। मगर छठवें से अंतिम चरण तक अभ्यर्थियों के लिए एक विकल्प उपलब्ध रहेगा। अभ्यर्थी के लिए आवंटित सीट पर प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। अन्यथा अंतिम चरण की काउंसिलिंग तक वो प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थी अपना विकल्प वरीयता क्रम में भरें।
छठे चरण से काउंसिलिंग द्वारा आवंटित अभ्यर्थी अपने दस्तावेज सत्यापन के बाद अपने लॉगिन से संस्था शुल्क प्रत्येक चरण में निर्धारित अवधि में ही ऑनलाइन जमा करेंगे। राजकीय और अनुदानित संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी पूरा शुल्क जमा करेंगे। निजी संस्थानों में प्रवेश वाले अभ्यर्थी 3000 रुपये ऑनलाइन जमा करने के बाद शेष शुल्क संस्था में जमा कराएंगे।