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Gorakhpur News: तकनीकी त्रुटि में फंसी 1200 विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप

Sun, 28 Jun 2026 01:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के सामान्य व एससी वर्ग के छात्रों ने छात्रवृत्ति आवेदन निरस्त किए जाने के मामले में समाज कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण से मिलकर हस्तक्षेप की मांग की है। बताया कि तकनीकी त्रुटि में 1200 विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप फंसी हुई है।
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छात्रों का आरोप है कि छात्रवृत्ति पोर्टल पर अभिभावक का नया आय प्रमाण पत्र समय से अपडेट करने और विश्वविद्यालय से आवेदन सत्यापित व अग्रसारित होने के बावजूद उनके आवेदन निरस्त कर दिए गए। बद्री विशाल मिश्र और मुकुल दुबे ने बताया कि उन्हें सत्र 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में बिना किसी समस्या के छात्रवृत्ति मिलती रही। सत्र 2025-26 में विभाग के निर्देश पर सभी छात्रों ने अभिभावक का नया आय प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड किया था।
बताया कि जिला छात्रवृत्ति स्वीकृति समिति ने आवेदन को छात्र ने खुद के आय प्रमाण पत्र के साथ आवेदन किया है, टिप्पणी के साथ खारिज कर दी है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने स्वयं का नहीं, बल्कि अभिभावक का आय प्रमाणपत्र ही अपलोड किया था, ऐसे में आवेदन निरस्त किया जाना तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि है। बताया कि दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के करीब 1200 छात्र-छात्राओं के आवेदन फंसे हुए हैं। ये सभी आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और अंतिम वर्ष की फीस व अन्य शैक्षणिक खर्च छात्रवृत्ति पर ही निर्भर हैं।
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छात्रों के अनुसार, उन्होंने 15 अप्रैल को जिला समाज कल्याण अधिकारी, गोरखपुर को प्रार्थना पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद 27 अप्रैल को जिलाधिकारी गोरखपुर ने भी प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग को पत्र भेजकर मामले के समाधान का अनुरोध किया लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।



बोले अधिकारी
जिन छात्रों ने पोर्टल पर अपने अभिभावक का आय प्रमाण पत्र अपलोड किया है लेकिन तकनीकी कारणों से अपडेट नहीं हो सका है, उनको स्कॉलरशिप दिलाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने प्रमुख सचिव, समाज कल्याण विभाग को पत्र भी भेजा है। प्रभावित विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या पोर्टल खुलने के बाद ही पता लग सकेगी।
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- वीएन सिंह,
जिला समाज कल्याण अधिकारी
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