ऑनलाइन गेम खेलने को लिया गया कर्ज चुकाने के लिए संतकबीरनगर निवासी 11वीं के छात्र ने अपने ही अपहरण की साजिश रच डाली। गर्लफ्रेंड की मदद से अपनी फूटी आंख वाली एआई तस्वीर बनवाई और उसे मंगलवार की शाम पिता को भेजकर एक लाख रुपये की फिरौती मांगी।
वह गोरखपुर के सिकरीगंज जाने की बात कहकर घर से निकला था। सिकरीगंज थाने में पिता ने अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसे दो घंटे के भीतर उसके दोस्त के घर से ढूंढ निकाला।
एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी के मुताबिक, संतकबीरनगर के धनघटा क्षेत्र निवासी किशोर 11वीं का छात्र है।
उसके पिता व्यापार करते हैं। छात्र ऑनलाइन गेम खेलने का आदी है। गेम में रुपये हारने के बाद उस पर कर्ज बढ़ता गया। पॉकेट मनी खत्म होने के साथ ही उसने दोस्तों से भी रुपये उधार ले रखे थे। कर्ज चुकाने के लिए उसने पिता से एक लाख रुपये लेने की साजिश रची। मंगलवार को वह सिकरीगंज बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था।
एसपी के मुताबिक साजिश के तहत छात्र ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया। इसके बाद पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करते हुए पिता के व्हाट्सएप पर एक लाख रुपये की मांग वाला मैसेज भेजा। उसने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से आंख पर गंभीर चोट जैसी तस्वीर तैयार करवाई और उसे भी पिता के मोबाइल पर भेज दिया।
तस्वीर देखकर पिता को लगा कि बेटे का अपहरण हो गया है और उसके साथ मारपीट की गई है। उन्होंने तत्काल धनघटा पुलिस को सूचना दी। छानबीन में लोकेशन सिकरीगंज में मिली। धनघटा पुलिस ने सिकरीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराने को कहा। किशोर के पिता रात 12 बजे सिकरीगंज थाने पहुंचे और अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई।
मोबाइल फोन बंद था पर पब्लिक वाईफाई के इस्तेमाल से मिला सुराग
मोबाइल बंद होने के बावजूद छात्र के पब्लिक वाईफाई इस्तेमाल करने से पुलिस को अहम सुराग मिला। सर्विलांस की मदद से सिकरीगंज पुलिस टीम ने करीब सवा दो घंटे में उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली और उसे खोज लिया। पूछताछ में सामने आया कि छात्र अपने दोस्त के घर छिपा था।
पुलिस ने छात्र से पूछताछ कर पूरी घटना की जानकारी जुटाई। पिता से रुपये लेने के लिए उसने खुद के अपहरण की साजिश रची थी। पुलिस ने पूछताछ के बाद बेटे को पिता के सुपुर्द कर दिया।
साजिश का पता चलते ही पिता ने बेटे को जड़े थप्पड़
व्यापारी के तीन बच्चे हैं, दो बेटियां और एक बेटा। बेटे की साजिश रचे जाने की जानकारी मिलने पर पिता ने गुस्से में उसे थप्पड़ मारे। पूछताछ में छात्र ने बताया कि दिल्ली में रहने वाली उसकी एक महिला मित्र के जरिये उसने एआई वाली आंख फूटने जैसी तस्वीर तैयार कराई थी।
इसी तस्वीर को बाद में अपहरण की कहानी को सच दिखाने के लिए इस्तेमाल किया गया। जहां वह छिपा हुआ था। वह मकान उसके एक दोस्त का है, जो फूड डिलीवरी कंपनी में काम करता है।
पिता को मैसेज भेजकर बनाता रहा दबाव
पुलिस के मुताबिक, छात्र ने मंगलवार शाम 7:39 बजे पिता को व्हाट्सएप पर मैसेज किया। इसमें बताया गया कि बेटे का अपहरण हो गया है। फिर 7:40 बजे मैसेज कर एक लाख रुपये की मांग की गई। इसके बाद रात 8:27 बजे मैसेज भेजकर ऑनलाइन रुपये भेजने का दबाव बनाया गया।
छात्र के पिता ने कहा कि ऑनलाइन रुपये नहीं भेज सकता। कैश लेकर जहां कहोगे आ जाऊंगा। जवाब आया कि कैश लेकर आने पर दो लाख रुपये देने होंगे। काफी देर तक मैसेज का खेल चलता रहा। इसके बाद पिता ने पुलिस को सूचना दी।