प्रायोगिक परीक्षा में फेल विद्यार्थी को नहीं देनी होगी दोबारा लिखित परीक्षा
सीबीएसई : छह से 20 जुलाई तक विद्यालयों में कराई जाएगी प्रायोगिक परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 10वीं व 12वीं में प्रायोगिक परीक्षा में फेल या अनुपस्थित विद्यार्थियों को राहत दी है। उन्हें प्रायोगिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने का अंतिम अवसर मिलेगा। इसके लिए छह से 20 जुलाई तक विद्यालयों में प्रायोगिक परीक्षा कराई जाएगी।
सीबीएसई बोर्ड ने सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा देने वाले वे विद्यार्थी जो केवल प्रायोगिक परीक्षा में फेल हो गए हैं, उन्हें इस साल लिखित परीक्षा नहीं देनी होगी। प्रायोगिक परीक्षा छह से 20 जुलाई तक स्कूलों में आयोजित कराई जाएगी। बोर्ड का यह आदेश जिले के सभी 125 स्कूलों में पहुंच चुका है।
सीबीएसई के पुराने नियम के अनुसार, अब तक जो विद्यार्थी प्रायोगिक परीक्षा में फेल हो जाते थे, उन्हें फेल माना जाता था। इसमें बोर्ड ने संशोधन किया है। इंटर के संस्थागत विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा उनके स्कूलों में ही कराई जाएगी। इसमें प्रायोगिक परीक्षा में कम नंबर पाने वाले विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
बोर्ड सभी स्कूलों को प्रैक्टिकल में फेल व अनुपस्थित विद्यार्थियों की एक सूची भेजेगा। इसके बाद स्कूल संबंधित छात्र-छात्राओं से संपर्क करेंगे। इसके अलावा विद्यार्थी खुद भी स्कूल जाकर दोबारा होने वाली प्रायोगिक परीक्षा में बैठने के लिए आवेदन कर सकते हैं। 10वीं के विद्यार्थी जो किसी कारण प्रैक्टिकल में फेल या अनुपस्थित रहे हैं, उन्हें स्कूल पूरक परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर अंक देगा। हाईस्कूल के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा नहीं कराई जाएगी। स्कूलों को ही उनके नंबर बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे।
वर्जन
वे विद्यार्थी जो किन्हीं कारणों से प्रायोगिक परीक्षा में अनुपस्थित हो गए थे, उन्हें उत्तीर्ण होने के लिए बोर्ड ने एक अवसर प्रदान किया है। स्कूलों को ऐसे बच्चों की सूची बनाकर बोर्ड को भेजनी है। इसके बाद बोर्ड वाह्य परीक्षक नियुक्त करेगा। उनकी देखरेख में स्कूल में परीक्षा कराई जाएगी।
-अजय शाही, अध्यक्ष, स्कूल एसोसिएशन गोरखपुर