गोरखपुर शहर की स्ट्रीट लाइटों को बंद व चालू करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, इसके बावजूद पूरे दिन खंभों पर स्ट्रीट लाइटें जलती देखी जा सकती हैं। अगर यह कहा जाए कि स्ट्रीट लाइटें सूरज को रोशनी दिखा रही हैं तो गलत नहीं होगा। जबकि नगर निगम पर स्ट्रीट लाइटों का लाखों रुपये बिजली बिल बकाया है। इसके बावजूद जिम्मेदारों को दिन में स्विच ऑफ कराने की सुधि नहीं है। चूंकि, भुगतान शासन स्तर से एक विभाग से दूसरे को किया जाता है, ऐसे में बिजली निगम की तरफ से इन स्ट्रीट लाइटों की आपूर्ति भी बंद नहीं की जाती।
नगर निगम की तरफ से बिजली बचाने में लापरवाही बरती जा रही है। यही कारण है कि ज्यादातर वार्डों में लगी लाइटें दिन में जलती रहती हैं। रायगंज दक्षिणी वार्ड की स्ट्रीट लाइटें दिन में जलती रहती है। इसे बंद करने के लिए लगाए गए कर्मचारी भी लापरवाही बरत रहे हैं। स्थानीय पार्षद अशोक यादव ने बताया कि कई बार नगर निगम को सूचना दी गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
दरअसल नगर निगम ने स्ट्रीट लाइटों को जलाने के लिए सिंगल फेज की कुल 65 किमी से अधिक लंबी लाइन का केबल बिछाया है। नगर निगम की मानें तो शहर में लगभग 100 मीटर पर एक स्ट्रीट लाइट प्वाइंट लगे हैं।
हर 100वें प्वाइंट पर एक स्विच लगा होता है, जिसे बंद करने से 100 स्ट्रीट लाइटें एक साथ बंद हो जाती हैं। लेकिन, नगर निगम के जिम्मेदारों का कहना है कि वे चाह कर भी ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि बिजली निगम ने इस तार पर ही घरों को कनेक्शन दे दिया है। इसी कारण दिन में भी शहर के बाजार से लेकर वार्डों में लगभग तीन हजार स्ट्रीट लाइटें जलती रहती हैं।
- इन वार्डों से आती हैं शिकायतें
सिविल लाइंस प्रथम व द्वितीय, बेतियाहाता, धर्मशाला बाजार, दिलेजाकपुर, घोषीपुरवा, रुस्तमपुर, जटेपुर उत्तरी, जटेपुर रेलवे कॉलोनी, बसंतपुर, रायगंज दक्षिणी, तिवारीपुर, हांसूपुर के वार्डों में दिन में स्ट्रीट लाइटें जलने की शिकायतें आती हैं।
- यहां जरूरत के समय भी नहीं दिखती रोशनी
नगर निगम से जुडे नए वार्डों में स्ट्रीट लाइटें लगी ही नहीं हैं। सिक्टौर के जूही कॉलोनी में लगी स्ट्रीट लाइटें नहीं जलतीं। जिससे शाम होते ही वार्ड में हर तरफ अंधेरा छा जाता है। अंधेरा होने से छुट्टा पशुओं के चलते इलाके के लोग दहशत में रहते हैं।
स्विच मैन की शिकायतें आई हैं। समय पर स्ट्रीट लाइटों को बंद नहीं किया जा रहा है। कार्यदाई एजेंसी के साथ बार बैठक कर उन्हें भी निर्देशित किया गया था। उम्मीद है आने वाले कुछ दिनों में व्यवस्था में सुधार हो जाएगा। कड़े फैसले लिए जाएंगे।
- मणिभूषण तिवारी, सहायक नगर आयुक्त।