भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक राजीव रंजन प्रकाश ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक में हिंदी के संवर्धन के लिए एक वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर सभी शाखाओं और कार्यालयों में बिंदुवार उसका अनुपालन कराया जाता है। बैंक के कागजात, मुहरें आदि हिंदी में या द्विभाषी बनाई जाती हैं। ग्राहकों से पत्राचार में हिंदी को प्राथमिकता दी जाती है।
बैंक के सभी कंप्यूटरों में हिंदी टाइपिंग की सुविधा उपलब्ध है तथा हिंदी में मौलिक लेखन को बढ़ावा देने के लिए हिंदी पत्रिकाएं प्रकाशित की जाती हैं। हर वर्ष सितंबर में हिंदी पखवाड़े के दौरान कई प्रतियोगिताएं व अन्य कार्यक्रम आयोजित कर कर्मचारियों को हिंदी अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है।
अंग्रेजी पत्रों का जवाब भी देते हैं हिंदी में
क्षेत्रीय कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के आयुक्त मनीष मणि ने बताया कि विभाग में ज्यादातर लेखन कार्य हिंदी में हो रहा है। हिंदी भाषी राज्यों में पत्राचार तो हिंदी में किया ही जाता है, ऐसे राज्य जो हिंदी भाषी नहीं हैं, वहां से अंग्रेजी में आए पत्रों का जवाब भी हिंदी में दिया जा रहा है।
इसके अलावा कार्यालय का अधिकांश कामकाज हिंदी में हो रहा है और आदेश भी हिंदी में निकाले जाते हैं। नगरीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति में राजभाषा के कामकाज की समीक्षा होती है। 2016-17 व 2018-19 का उत्कृष्ट केंद्रीय कार्यालय का पुरस्कार मिल चुका है।