पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस पर इससे पहले भी तीन बार पत्थर चलाने की घटनाएं हो चुकी हैं। पहली घटना जुलाई में अयोध्या के पास हुई थी, जब इस ट्रेन की चपेट में आने से एक पशुपालक की बकरियां कट गई थीं। इसके बाद मल्हौर में पथराव के चलते ट्रेन का शीशा चटक गया था। सितंबर में गोरखपुर यार्ड से प्लेटफार्म पर आने के दौरान एक कुली ने पत्थर मार दिया था, जिससे एक खिड़की का शीशा चटक गया था।
इसे भी पढ़ें: सीएम योगी आज देंगे 175 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, खोराबार टाउनशिप की निकाली जाएगी ई लॉटरी
ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे से होगी पहचान
वंदे भारत ट्रेन में आगे व पीछे दो-दो उच्च गुणवत्ता कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए ट्रेन और आसापास की गतिविधियां रिकॉर्ड होती रहती हैं। कैमरे का फोकस लाइन के अलावा दोनों तरफ किनारे पर भी है। ऐसे में अगर किसी ने रेल लाइन के करीब आकर पथराव का प्रयास किया होगा तो उसका चेहरा कैमरे की रिकार्डिंग में फीड होगा। इससे घटना की जांच में सुविधा होगी।