सेना की अग्निपथ योजना का प्रदेश के अन्य जिलों में हो रहे विरोध के बीच गत मंगलवार को नौसड़ के पास युवाओं द्वारा आगजनी किए जाने की सूचना से हड़कंप मच गया। आननफानन एसपी नार्थ मनोज अवस्थी और एडीएम सिटी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। जांच में पता चला कि सूचना फर्जी है। जहां आगजनी की सूचना दी गई, वहां नगर निगम की तरफ से रोज ही कूड़ा जलाया जाता है। जानबूझकर अफवाह फैलाने के लिए सूचना दी गई थी। पुलिस ने जांच के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान महराजगंज के सिंदुरिया निवासी मोहम्मद रेहमुद्दीन और शाहपुर के बशारतपुर निवासी दिनेश वर्मा के रूप में हुई है। रेहमुद्दीन वर्तमान में गीडा के गौसपुर में रहता है। पुलिस के मुताबिक, सेना भर्ती तैयारी कर रहे युवकों को समझा कर जनपद में शांति कायम की गई है।
इसी बीच मंगलवार को तीन बजे डायल 112 पर सूचना आई कि कुछ युवाओं ने नौसड़ की तरफ राजघाट पुल के नीचे आगजनी कर दी है। इसकी सूचना कंट्रोल रूम में आई तो हड़कंप मच गया। पुलिस व प्रशासनिक अफसर तत्काल मौके पर पहुंच गए। छानबीन में पता चला कि किसी ने बदमाशी की है।
इसी का नतीजा रहा कि अफवाह फैलाने व फर्जी सूचना देने के संबंध में गीडा थाने में केस दर्ज किया गया। सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन ली गई, फिर बुधवार को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।