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Gorakhpur News: अमेरिका में प्रतिबंधित गोरखपुर का तस्कर एसटीएफ के निशाने पर, एफबीआई भी खोज रही

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गोरखपुर। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय सोना तस्करी गिरोह के गोरखपुर कनेक्शन की जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका में प्रतिबंधित एक तस्कर को लेकर उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने पड़ताल तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, आरोपी पहले से एफबीआई (अमेरिकी जांच एजेंसी) के भी निशाने पर है। वह आरोपी को खोज भी रही है।
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पिछले दिनों थाईलैंड से लौटे कौड़ीराम क्षेत्र के एक युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। हालांकि पूछताछ के बाद देर रात उसे छोड़ दिया गया। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार युवक से पूछताछ के दौरान एसटीएफ को कई अहम सुराग मिले हैं। एजेंसी अब आरोपी के पासपोर्ट डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन, हवाला नेटवर्क और डिजिटल वॉलेट एड्रेस की गहराई से जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने विदेशी खातों के जरिये सोने की अवैध खरीद-फरोख्त में करोड़ों रुपये का लेन-देन किया है।
थाईलैंड, दुबई और मलेशिया से आने वाले ट्रांजेक्शन की पड़ताल में एजेंसियों को कुछ शेल कंपनियों के कनेक्शन भी मिले हैं। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की पहचान गोपनीय रखी गई है, लेकिन उसे हवाला और डिजिटल करेंसी के जरिये सोने की तस्करी का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच में आगे बढ़ने के लिए एजेंसी ने विदेश मंत्रालय और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू) से भी जानकारी मांगी है।
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डॉलर में होता है सोने का सौदा
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, गोरखपुर का यह नेटवर्क डॉलर में सोने की खरीद-फरोख्त करता था। रुपये की अदला-बदली क्रिप्टो वॉलेट और विदेशी बैंकों के जरिये होती थी। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने दुबई और मलेशिया में फर्जी कंपनियां बनाकर सोने की खेप भेजने और मंगाने का धंधा चला रखा था।


एसटीएफ ने खोले डिजिटल चैनल
एजेंसी अब आरोपी के ब्लॉकचेन ट्रांजेक्शन, डिजिटल वॉलेट एड्रेस और विदेशी एक्सचेंज लॉग्स की जांच कर रही है। साइबर फॉरेंसिक टीम को ट्रेसिंग का जिम्मा सौंपा गया है। माना जा रहा है कि आरोपी के सात से ज्यादा वर्चुअल वॉलेट सक्रिय थे जिनमें से कुछ थाईलैंड और सिंगापुर स्थित एक्सचेंज से जुड़े हैं।


बड़ा नेटवर्क, कई राज्यों में फैला जाल
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि एक बड़ा सोना-हवाला-क्रिप्टो नेटवर्क है। कुछ सुराग बिहार, दिल्ली और मुंबई तक पहुंचे हैं। विदेशी एजेंसियों के सहयोग से आगे की कार्रवाई की जा रही है।



इनपुट के आधार पर एक संदिग्ध युवक की तलाश की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के इनपुट और देश में हुई तस्करी के मामलों को मिलाकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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- सत्यप्रकाश, एसटीएफ निरीक्षक
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