एडीजी दावा शेरपा ने कुछ दिन पहले इनामी बदमाशों की धर पकड़ के लिए टीम बनाकर कार्रवाई का आदेश दिया है। इसके बाद कई टीमें जुटी हैं, लेकिन अभी तक कोई कामयाबी हासिल नहीं हुई है।
सेवानिवृत्त दरोगा और उनके बेटे की हत्या कर फरार 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश राघवेंद्र यादव झंगहा इलाके का रहने वाला है। इलाके में उसने कई वारदातों को अंजाम दिया। उसपर काबू के लिए इलाके में गोड़धईया चौकी खोली गई, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। आखिरी बार दस अप्रैल 2018 में वह अचानक इलाके में आया और सेवानिवृत्त दरोगा जयहिंद और उनके बेटे की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। पिता-पुत्र कचहरी से उसके ही खिलाफ तारीख देखकर लौट रहे थे। इसके पहले वर्ष 2016 में उसने जयहिंद के छोटे भाई बलवंत और कौशल की गोली मारकर हत्या की थी। आज वह कहां है, किसी को नहीं मालूम। बताया जाता है कि आखिरी बार उसे कोलकाता हवाई अड्डे पर देखा गया था।
लुटेरा गिरिजा डेढ़ दशक से पुलिस के हाथ नहीं आया
पीपीगंज के मेहदरिया निवासी गिरिजा यादव 25 हजार रुपये का इनामी है। कई थानों में उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। शाहपुर इलाके में लूट की वारदात को अंजाम देकर उसने सनसनी फैला दी थी। उसे पकड़ने के लिए पिछले 15 साल में पुलिस की कई बार टीम बनाई जा चुकी है, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। इस बीच लूट की कई घटनाओं में उसका नाम भी सामने आया।
बदमाश इनाम की राशि
मोहम्मद आलम उर्फ गुड्डू 50, 000
जीवन शर्मा 50,000
राजू अंसारी 50,000
आफताब उर्फ मुन्ना 25,000
अनिरुद्ध पांडेय 25,000
विकास महतो 25,000
इंद्रीश अंसारी 25,000
रोहित सिंह 25,000
सिकंदर 25,000
अमित शर्मा 25,000
छोटू कुरैशी 15000
अश्वनी उर्फ राकी 15000
राजदेव 15000
भोला सिंह 12000
प्रदीप उर्फ राकेश 10000
नरसिंह चौहान 10000
एडीजी जोन दावा शेरपा ने बताया कि जोन के सभी एसएसपी-एसपी को नए सिरे से रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया है। किस बदमाश की कितने दिन से तलाश चल रही है, यह रिपोर्ट फिर से तैयार कर धर-पकड़ के लिए पुलिस टीम लगाने को कहा गया है। जल्द ही इसकी समीक्षा भी की जाएगी।