गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं नैक मूल्यांकन के तैयारी की समीक्षा की गई। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि अभी से ऑनलाइन व ऑफलाइन डाक्यूमेंटेशन शुरू हो जाए तो परिणाम बेहतर आएंगे।
कुलपति ने कहा कि स्थापना के समय वर्ष 2021 में 15 पाठ्यक्रमों का संचालन हो रहा था। अब 21 पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। प्रो. राजेश सिंह एवं प्रो. बिजेंद्र सिंह ने नैक मूल्यांकन के लिए किए गए प्रयासों को साझा किया। सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय अभी ऑनलाइन व ऑफलाइन डाक्यूमेंटेशन शुरू कर दे तो निश्चय ही नैक की अर्हता पूरी करने में सफलता मिलेगी।
प्रो. धीरेंद्र पाल सिंह ने निर्धारित मापदंडों को पूरा करने, विश्वविद्यालय में अधिक से अधिक सेमिनार व कांफ्रेंस आयोजित कराने और शिक्षकों द्वारा अधिक से अधिक संख्या में शोध पत्र प्रकाशित किए जाने पर जोर दिया। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की गाइडलाइन के अनुसार तैयारी करने तथा इन्क्यूबेशन एवं इनोवेशन सेंटर की स्थापना करने और इंडियन नॉलेज सिस्टम पर पाठ्यक्रम चलाए जाने पर जोर दिया गया।
इस दौरान नैक स्टीयरिंग समिति के समन्वयक प्रो. सुनील कुमार द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों एवं शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। बैठक में डॉ. जीएन सिंह, प्रो. विजयेंद्र सिंह, आशीष श्रीवास्तव, डॉ. प्रदीप राव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।