पिछले दिनों स्टांप के धंधेबाजों के पास से बरामद फर्जी स्टांप और छपाई मशीन।
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18 पाॅवर ऑफ अटार्नी में पकड़ी गई है 200 करोड़ से ज्यादा स्टांप की चोरी
पॉवर ऑफ अटार्नी में स्टांप ड्यूटी चोरी की जांच में कुछ और मामले पकड़ में आए हैं। जनवरी से अप्रैल तक की जांच में 18 पॉवर ऑफ अटार्नी में करीब 200 करोड़ की चोरी पकड़ी गई है। इन मामलों में निबंधन कार्यालय की ओर से भारतीय स्टांप अधिनियम की धारा 47 के तहत केस दर्ज करा दिया गया है। अब डीएम और एडीएम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
पॉवर ऑफ अटार्नी को लेकर शासन ने 28 दिसंबर 2023 को संशोधित अध्यादेश लागू कर दिया। इसमें खून के रिश्ते को छोड़कर अन्य पॉवर ऑफ अटार्नी में सर्किल रेट के हिसाब से स्टांप ड्यूटी शुल्क लेने का नियम बनाया गया, लेकिन इस अध्यादेश को ऑनलाइन कर दिया गया।
हालांकि निबंधन कार्यालय में आदेश देर से पहुंचा। तिकमड़बाजों ने इसी का फायदा उठाकर डीड में पुराने स्टांप डयूटी के नियम के आधार पर पॉवर ऑफ अटार्नी करा लिया और करोड़ों की चोरी कर ली।
जानकारी के मुताबिक, निबंधन कार्यालय प्रथम में आठ और द्वितीय में सात मामले पकड़े गए हैं। जबकि तीन मामले तहसील स्थित निबंधन कार्यालय के हैं। सबसे बड़ा मामला करीब 100 करोड़ के स्टांप ड्यूटी का खेल पकड़ा गया। मामला नेपाल के थापा परिवार से जुड़ा है, जो आजादी के पहले गोरखपुर में रहता था।
उनकी करीब 9.37 हेक्टेयर जमीन और एक कोठी का इलाहाबाद के रामेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की फर्म ने पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए विक्रय का अधिकार लिया। इसी तरह एक फर्म ने 84-84 लाख की कर चोरी कर दी डीड करवा ली। बाकी मामले चार से पांच लाख तक के ही हैं।
एआईजी स्टांप प्रदीप राणा ने बताया कि 18 पॉवर ऑफ अटार्नी के पकड़े गए हैं, जिसमें स्टांप ड्यूटी शुल्क की चोरी की गई है। सभी मामलों में केस दर्ज करा दिया गया है। नए अध्यादेश के लागू होने के बाद डीड फाइनल हुई है इसलिए उसी के अनुसार स्टांप लगाना पड़ेगा।