गोरखपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दो महीने पहले से सुस्त पड़े पंचायतों के विकास को अब गति मिलने की उम्मीद है। प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्यों व अध्यक्ष के सक्रिय होने के साथ ही डीएम विजय किरण आनंद ने प्रशासनिक मशीनरी की निगरानी को तेज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को रोजाना कम से कम दो-दो गांवों का भ्रमण करने और वहां जो भी कमियां दिखें उसे तत्काल प्रभाव से ठीक कराने का निर्देश दिया है।
इसी तरह उन्होंने जनपद स्तरीय अधिकारियों को दस दिन के भीतर पांच-पांच गांवों का निरीक्षण कर फोटोग्राफ के साथ जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के वास्तविक निस्तारण के लिए संवाद जरूरी है। इसलिए अफसर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में बैठकर जन सुनवाई करेंगे उसके बाद क्षेत्रीय भ्रमण पर निकलेंगे।
उन्होंने कहा कि ब्लॉकों के विकास की मुख्य कड़ी होता है खंड विकास अधिकारी। वे प्रतिमाह, ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर उनसे संवाद स्थापित करें। शासकीय योजनाओं के संबंध में उन्हें जागरूक करें तथा जनजागरूकता के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार- प्रसार करते हुए शासकीय योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में योगदान दें।
प्रमुखता के आधार पर कराएं काम
डीएम ने कहा कि प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों को सभी अधिकारी जरूर कराते रहें। उन्होंने नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने, पंपसेट, रेग्युलेटर सही हालत में रखने के निर्देश दिए। इसी तरह डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई बेहतर करने तथा जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थियों को अनुमन्य धनराशि जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।