गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज कॉलेज के स्नातक के कई छात्र दूसरे साल में तो पास हो गए हैं लेकिन, उनके अंक पत्र में पहले साल उन्हें फेल घोषित कर दिया गया है। इसकी जानकारी होने पर छात्रों ने बृहस्पतिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के परीक्षा विभाग पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक से मुलाकात भी की, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रिजल्ट कोविड काल में परीक्षा के लिए जारी नियमों के मुताबिक घोषित किया गया है। ऐसे में किसी विद्यार्थी को कोई दुविधा नहीं होनी चाहिए।
वहीं, दूसरी ओर छात्रों का कहना था कि पहले वर्ष की कुछ परीक्षा हुई और कुछ कोविड की वजह से स्थगित कर दी गईं थीं। इस दौरान उन्हें दूसरे वर्ष में प्रवेश के दौरान बताया गया कि पहले वर्ष में प्रमोट कर दिया गया है। ऐसे स्थिति में दूसरे वर्ष फेल होने की जानकारी दी जा रही है।
प्रमोट होने के बाद फेल होने या बैक पेपर आने की बात समझ से परे है। छात्रों के इन सवाल के जवाब में परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि पहले वर्ष में जो परीक्षाएं हो गई थीं, उनके अंक यथावत दिए गए हैं। प्रमोशन वाले अंक उनमें दिए गए हैं, जिसकी परीक्षा कोरोना के चलते नहीं हो सकी थी।
यह बात प्रमोट किए जाने के दौरान स्पष्ट कर दी गई थी। ऐसे में न तो छात्रों को और न कालेज प्रशासन को इस विषय में कोई संदेह होना चाहिए। दूसरे वर्ष का परिणाम सुरक्षित रहेगा, केवल पहले वर्ष को पास करना होगा। पहले वर्ष में बैक पेपर के दायरे में आने वाले छात्र बैक पेपर देने के बाद तीसरे वर्ष में प्रवेश ले सकेंगे।