जिला अस्पताल से अपहृत मासूम से दरिदंगी के बाद हत्या के मामले में पुलिस महकमे ने लापरवाही पर कार्रवाई शुरू कर दी है। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने शुक्रवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया। वहीं नगर निगम चौकी प्रभारी महिला दरोगा दीपशिखा को कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता, लापरवाही और स्वेच्छाचारिता पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस विभाग की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच में घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की सक्रियता, कार्रवाई की प्रक्रिया और जिम्मेदारी निभाने में हुई चूक की समीक्षा की जाएगी।
मासूम के लापता होने के बाद पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए थे। घटनाक्रम की समीक्षा के बाद एसएसपी ने जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, विवेचना के साथ ही पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। उधर, पुलिस की जांच वारदात से जुड़े साक्ष्यों पर केंद्रित है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
एसएसपी ने चार सीओ के कार्यक्षेत्र बदले
गोरखपुर। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने शुक्रवार को चार क्षेत्राधिकारियों (सीओ) के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया। सीओ गीडा कीर्ति निधि आनंद को सीओ कैंट की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सीओ कैंट रहीं आभा सिंह को गीडा सर्किल भेजा गया है।
सीओ यातायात दीपांशी राठौर को खजनी सर्किल का नया क्षेत्राधिकारी बनाया गया है, जबकि खजनी में तैनात रहे मनीष शर्मा को सीओ यातायात की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव प्रशासनिक जरूरतों और बेहतर पर्यवेक्षण के उद्देश्य से किया गया है।