निर्गुण संतों के जीवन, उनके संघर्षो एवं वाणी पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन दोनों स्थलों पर किया जाएगा। गोरखपुर विश्वविद्यालय के सहयोग बुद्ध, गोरख, रविदास एवं कबीर जी की वाणी की प्रासंगिता पर सेमिनार, बेबिनार प्रस्तावित है। बेबिनार के माध्यम से देश और विदेश के कबीर पंथी विद्वानों, अनुयायियों एवं गायकों की प्रस्तुतियां भी की जाएगी। निर्गुण पंथ पर आधारित वार्षिक पत्रिका का भी विमोचन होगा।
श्रम की महत्ता, निर्गुण संतों का संदेश विषय पर चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस चित्र प्रदर्शनी के चित्र निर्गुणिया यात्रा के वाहन पर भी लगाएं जाएंगे। स्कूलों में निर्गुण संतों पर आधारित नाट्य प्रोत्साहन योजना संचालित की जाएगी। जिसमें ऐसे नाट्य लेखकों तथा मंचीय प्रस्तुतियों को सम्मानित किया जाएगा।
निर्गुण संतो के जीवन, संघर्षो एवं गीतों पर आधारित गायन, लेखन आदि की प्रतियोगिताएं स्कूलों में संचालित की जाएगी। विश्वविद्यालयों में निर्गुण संतों की महत्ता पर आधारित विशेष पीठ की स्थापना तथा संतों के विचारों पर विशेष सेमिनार, गायन आदि के कार्य नई पीढ़ी में संत परंपरा के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कबीर संत समागम के कार्यक्रम
- 23 फरवरी को पूर्वाहन दस बजे से लहरतारा वाराणसी से निर्गुणिया यात्रा निकलेगी। जिसमें कबीर पंथी, नानक पंथी, रविदास पंथी, नाथ पंथी, निर्गुण पंथी संतों की यात्रा विशेष सुसज्जित रथों पर, दो स्थानों पर आयोजन करते हुए रात्रि विश्राम तथा प्रातः सात बजे यात्रा पुनः शुरू होगी।
- 24 फरवरी को पूर्वाहन 11 बजे निर्गुणिया यात्रा का मगहर संतकबीरनगर पहुंच कर समापन होगा।
- 23 फरवरी को शाम छह बजे लहरतारा वाराणसी में कबीर पंथी गायन- पद्मश्री प्रहलाद टिपाडियां, देवास, कबीर पंथी नृत्य बिलासपुर दिन में और कबीर गायन विमल बावरा वाराणसी का सायं होगा।
- 23 फरवरी को मगहर में शाम छह बजे पंजाबी सूफी गायन - नूरन सिस्टर्स ,चंडीगढ़, तेरहताली, राजस्थान बाबा रामदेव, राई नृत्य, झांसी निर्गुण गायन।
- 24 फरवरी को शाम छह बजे लहरतारा वाराणसी में कबीर भजन- पद्मश्री मालिनी अवस्थी लखनऊ, रविदास भजन संत, रविदास मठ के गायकों के जरिए, घासी दास की गीतों का गायन- बिलासपुर के सतनामी कलाकारों के जरिए, सिद्धी गोमा, गुजरात।
- 24 फरवरी मगहर में कबीर बैले, अंतर्मन की आवाज विधि शर्मा दिल्ली, मंजुल मिष्टिक बैंड, मुंबई और नाटक कबीर खड़ा बाजार में।
- 25 फरवरी लहरतारा वाराणसी में बाउल गायन कोलकाता, कबीर गायन गीता बेन रबारी कच्छ, नीरज कबीर बैंड मुंबई, कबीर गायन, शबनम विरवानी मुंबई।
- 25 फरवरी मगहर में कबीर गायन- मूरा ताला, मारवाड़, सूफी गायन- वडाली ब्रदर्श अमृतसर, एकल प्रस्तुति- शेखर सेन, मुंबई।