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Gorakhpur News: रंगे चावल, हल्दी, सड़े सामान से बना रहे थे मसाला, फैक्टरी सील

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- राजघाट इलाके में चल रही थी फैक्टरी, तैयार माल जाता था लखनऊ-कानपुर
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- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सुधीर कुमार सिंह की अगुवाई में मारा गया छापा



अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मिलावटखोरों ने मसाले को भी नहीं बख्शा है। शहर के राजघाट इलाके में मसाले की एक ऐसी फैक्टरी पकड़ी गई है, जहां रंगे चावल, रंगी हल्दी और दूसरी कंपनियों के खराब मसालों को एक में मिक्स करके नई पैकिंग की जा रही थी। यहां से मसालों की खेप छोटे दुकानदार चाट और खाने का अन्य सामान बनाने के लिए ले जाते थे। इसके अलावा लखनऊ और कानपुर तक यहां से माल जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर ही छापा मारा गया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त (खाद्य) डॉ. सुधीर कुमार सिंह और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेंद्र श्रीवास्तव, उमाशंकर, विनय, प्रतिमा, आभा, संतोष, स्वामीनाथ, विजय नंद, नरेंद्र, कमल नारायण ने थाना राजघाट क्षेत्र के मिर्जापुर लालडिग्गी इलाके में स्थित अमित कुमार गिरधारी लाल की मसाला निर्माण फैक्टरी पर छापा मारा गया। जांच टीम फैक्टरी के अंदर पहुंची तो यह देखकर चौंक गई कि जहां मसाले की मिक्सिंग हो रही थी। अगल-बगल काफी गंदगी थी। मसाला तैयार करने में अखाद्य रंग, रंगे चावल का आटा, भूसी आदि के अलावा दूसरी कंपनियों और बाजार में खुले में बिकने वाले खराब हो चुके मसालों का उपयोग किया जा रहा था। मसाले गंदे फर्श पर बिना ढके रखे थे। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके से कुल 9 नमूने जांच के लिए एकत्रित किए। संदिग्ध अखाद्य रंग एवं मिलावटी मसाला जब्त किया गया। फैक्टरी को भी सील कर दिया गया।
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कोट-
लालडिग्गी इलाके में एक फैक्टरी में बन रहे मसालों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। टीम ने छापा मारा तो वहां इतनी गंदगी दिखी कि मसालों की गुणवत्ता भी प्रथम दृष्टया ही संदिग्ध लगा। सैंपल जांच के लिए भेजते हुए फैक्टरी सील कर दी गई है। अन्य विधिक कार्रवाई भी जा रही है।
- डॉ. सुधीर कुमार सिंह, सहायक आयुक्त (खाद्य)
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