कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर में उच्च रक्तचाप (हाई ब्लडप्रेशर) के मरीजों की मौत की तादाद ज्यादा है। चिकित्सकों की मानें तो कोरोना संक्रमण होने पर उच्च रक्तचाप के साथ अगर किसी को मधुमेह, किडनी रोग या कैंसर जैसी गंभीर बीमारी है तो खतरा दोगुना बढ़ जाता है।
ऐसे में उच्च रक्तचाप वाले मरीजों को ज्यादा सावधान रहना होगा। तमाम अध्ययन एवं शोध से यह बात सामने आई है कि जिस भी मरीज का शुगर और ब्लड प्रेशर अनियंत्रित है उन्हें एक बार कोरोना हो जाने के बाद दोबारा होने की प्रबल संभावना है। ऐसे में नियमित दवाओं के सेवन और संतुलित खानपान से ही इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
ये हैं लक्षण
चिड़चिड़ापन, थकान, सिरदर्द, ज्यादा पसीना आना, आंखों के चारों तरफ खिंचाव
फिजिशियन डॉ ओंकार राय ने कहा कोरोना संक्रमण में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना बहुत ही जरूरी है। बीपी के मरीज, जो नियमित दवाएं चल रही हैं उसे जरूर लेते रहें। किसी कीमत पर दवा बंद न करें। नमक कम इस्तेमाल करें। अगर किसी को सिर में भारीपन है, चक्कर आ रहा है तो तत्काल डॉक्टर से परामर्श लें। इस समय ऑनलाइन परामर्श लेकर डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं को ही लें। अपने से दवा मत खाएं वरना खतरा बढ़ सकता है।
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने कहा कि कोरोना काल में उच्च रक्तचाप वाले मरीजों को एकांतवास (आइसोलेशन) में रहने की बड़ी आवश्यकता है ताकि वह घर से बाहर जाने वाले सदस्यों के संपर्क में न आएं और संक्रमण की जद से खुद को बचा सकें। उच्च रक्तचाप में दिमाग, हृदय और फेफड़े में खून के जमने का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में मरीज की जान भी जा सकती है। डॉक्टर की सलाह पर नियमित दवा और संतुलित आहार से बीपी को नियंत्रित रखना चाहिए।
फिजिशियन डॉ. आलोक त्रिपाठी ने कहा कि जिन्हें ब्लड प्रेशर पहले से है वे दवा नियमित लेते रहें। ब्लड प्रेशर को हमेशा चेक कराते रहें। भोजन में नमक की मात्रा कम लें और पानी ज्यादा पीएं। कोरोना में ब्लड प्रेशर के मरीज को ज्यादा खतरा होता है। इसलिए बीपी को हमेशा नियंत्रित रखें। पौष्टिक आहार लें। दाल, हरी सब्जियों का ज्यादा सेवन करें।