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इस टोटके के साथ हुई पुलिस विभाग में नए साल की शुरुआत, गमकी कच्ची शराब तो कहीं दौड़ाकर दबोचे गए बदमाश

Mon, 04 Jan 2021 03:11 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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नए साल की शुरुआत सभी अपने अंदाज में करते हैं। सभी चाहते हैं कि शुरुआत अच्छी होगी तो बाकी का साल भी अच्छा गुजरेगा। पुलिस महकमा भी इससे अछूता नहीं है। जीडी (जनरल डायरी) की शुरुआत यहां पर भी गुडवर्क से ही की जाती है। नए साल में इसका खासा ध्यान रखा गया। पहला केस गुडवर्क हो, इसके लिए नहीं कुछ मिला तो कच्ची शराब ही पकड़ ली गई। इसे अंकित कर जीडी की शुरुआत की गई। कइयों ने बड़े बदमाश और गैंगेस्टर को दबोचकर अपनी जीडी की शुरुआत की है। पुलिस विभाग में यह परंपरा सी है और लंबे समय से चली आ रही है। माना जाता है कि इसकी अनदेखी अपशगुन को दावत देती है।
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जानकारी के मुताबिक, जीडी की शुरुआत करने से पहले उसे पैर से मारा जाता था। लेकिन अब जीडी कंप्यूटर में चलती है, इस वजह से उसे ठोंककर जीडी की शुरुआत की गई। नए साल पर सभी थानों में इसका खास ध्यान रखा गया है। पुलिस रिकॉर्ड को देखें तो गोरखनाथ पुलिस ने पुलिस वर्दी में लूट करने वाले को दबोचा है।

बांसगांव पुलिस ने गैंगेस्टर के आरोपी जय गोविंद को पकड़ा और एक जनवरी को जीडी की शुरुआत की। खोराबार ने बाइक चोर को पकड़ा तो कोतवाली, पिपराइच, उरुवा, गुलरिहा पुलिस ने कच्ची शराब पकड़ कर अपनी जीडी की शुरुआत की। इसके अलावा बचे अन्य थानों में भी ज्यादातर ने कच्ची शराब पकड़कर उसे अपनी जीडी में दर्ज किया और फिर नए साल की शुरुआत की है।
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एक नंबर दर्ज होता है गुडवर्क

एक जनवरी को पुलिस ने गुडवर्क दर्ज करने की परंपरा निभाई। पुलिस पहली संख्या पर किसी तरह का अपराध दर्ज नहीं करती है। माना जाता है कि यदि पहले अपराध संख्या पर कोई घटना दर्ज होती है तो साल भर तक ऐसे अपराधों से ही जूझना पड़ेगा। यही वजह है कि हर थाना प्रभारी पहले अपराध संख्या पर गुडवर्क ही दर्ज कराता है। गुडवर्क यानि तमंचा, चाकू, नशीले पदार्थ, शराब की बरामदगी और अभियुक्तों की गिरफ्तारी करना होता है।
 
एक दिन पहले ही कर लेते हैं तैयारी
बाकायदा इसके लिए एक दिन पहले ही ताना-बाना बुन लिया जाता है। इस साल भी पुलिस टोटके से अछूती नहीं रह पाई। हर थाने से गुडवर्क की बौछार हुई। हालांकि पुलिस अधिकारी इस टोटके के बारे में जानकारी होने से बचते रहे।

जानिए, क्या होती है अपराध संख्या
पुलिस शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र को जिस डायरी में दर्ज करती है। वह हर साल संख्या एक से शुरू होती है, जिसे पुलिस विभाग में अपराध संख्या (क्राइम नंबर) कहते हैं। मसलन वर्ष 2021 की शुरुआत अपराध संख्या 1/21 से सभी थानों में होगी।
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