उत्तर प्रदेश व बिहार के सरहद रामपुर प्रतापपुर फैक्ट्री के पास मां हदहदवा भवानी का मंदिर लोगों के आस्था का केंद्र है। बिना देवी के अराधना किए चीनी मिल नहीं चलता है। यहां मांगी गई भक्तों की मुरादे देवी मां पूरी करती हैं।
मान्यता है कि जिस स्थान पर यह प्राचीन मंदिर है वहां पहले घना वन था और देवी विराजमान थी। इन्हें वनदेवी के नाम से जाना जाता था। वर्ष 1903 में अंग्रेजों के हुकूमत में जब यहां चीनी मिल की स्थापना की हुई। गन्ना पेराई के लिए डोंगा में डाला गया तो रस नहीं निकल रहा था।
इसको लेकर मिल प्रबंधन परेशान हो गया, कई दिनों तक चीनी मिल बंद रहा। चीनी मिल में कार्यरत स्थानीय कर्मचारियों ने माता की महिमा का बखान किया। मिल प्रबंधन तंत्र ने वन देवी के स्थान की साफ-सफाई कराई व उनका विधिवत पूजन अर्चन वैदिक मंत्रों के बीच हुआ। इसके बाद गन्ने से रस आने लगा और इसे एकत्रित करने के लिए लगी टंकी में रस हद-हद करके गिरने लगा।