पूर्व शिक्षक एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा (87) का शनिवार रात करीब 9 बजे निधन हो गया। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित आवास पर उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने 48 साल तक मेरठ-सहारनपुर शिक्षक सीट पर एमएलसी बनकर राज किया।
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ओमप्रकाश शर्मा ने शिक्षकों के हितों के लिए विधान परिषद से लेकर सड़क तक संघर्ष किया। उन्होंने अपने आंदोलनों से कई बार सरकारों को घुटने टेकने पर मजबूर किया। आज प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी एक सशक्त आवाज को खो दिया।
ओम प्रकाश शर्मा की स्मृतियों को याद करते हुए पूर्व जिलामंत्री रमेंद्र प्रताप चंद ने कहा कि आज माध्यमिक शिक्षकों को जो भी उपलब्धियां प्राप्त हैं वह श्रद्धेय शर्मा जी के संघर्षों की देन हैं। वह शिक्षकों की शून्य से शिखर की यात्रा के सारथी थे। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के शिक्षकों की समस्याओं तथा प्रदेश के कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा लड़े। जिलाध्यक्ष दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि आज शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपनी सशक्त आवाज को खो दिया है।
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शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी, प्रदेश महामंत्री इंद्रासन सिंह, जिलाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि शिक्षकों ने अपना संरक्षक खो दिया है। जिला मंत्री श्याम नारायण सिंह ने कहा कि उनके निधन से शिक्षक समाज नि:शब्द और दु:खी हैं।
उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा के निधन पर शिक्षक संघ गोरखपुर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बृज भूषण शाही की अध्यक्षता में बेतियाहाता स्थित कैंप कार्यालय में एक शोकसभा हुई। इसमें पदाधिकारियों ने अपने नेता को श्रद्धांजलि दी। कहा कि शिक्षकों का अभिभावक साथ छोड़कर चला गया उनके संघर्षों ने शिक्षकों के हितों की सदैव रक्षा की।
पूर्व जिलामंत्री रमेन्द्र प्रताप चंद, पूर्व कोषाध्यक्ष अजय शुक्ल ने कहा कि उनकी कमी खलेगी। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में संजय मिश्र, आशुतोष दुबे, नजमुल हसन, बृजेश मणि, महशर, राम उजागिर पांडेय, डॉ. पीयूष श्रीवास्तव, कौशलेंद्र दुबे, कुंवर भगत सिंह, आलोक सिंह, राकेश मौर्य, विश्व प्रकाश सिंह, राजेश कुमार, कमलेश यादव, दिलीप सिंह, सुरेंद्र सिंह, विजय मल्ल, डॉ प्रमोद सिंह, अनिल सिंह, केसी मिश्र, सचिन्द्र त्रिपाठी आदि शामिल हैं।