उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी व सपा नेता अमरेंद्र निषाद ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि पूरे जिले में अघोषित आपातकाल का माहौल है। प्रदेश सरकार के इशारे पर सपा कार्यकर्ताओं का दमन और उत्पीड़न किया जा रहा है।
रविवार को प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर सात दिसंबर से किसान आंदोलन के समर्थन में पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा किसान यात्राएं निकाली जा रही है। लेकिन जिले की पुलिस सभी विधान सभाओं में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का दमन और उत्पीड़न कर रही है। उन पर फर्जी मुकदमें किए जा रहे हैं। प्रमुख नेताओं को घरों पर नजरबंद किया जा रहा है तथा घर से निकलने पर गिरफ्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बांसगांव विधानसभा में सर्वोदय इंटर कॉलेज, कौड़ीराम में शांतिपूर्वक तरीके से खड़े विधानसभा अध्यक्ष राम अजोर मौर्या और सपा नेता राम प्रवेश यादव समेत सभी कार्यकर्ताओं को एक थानाध्यक्ष द्वारा जातिसूचक गाली देते हुए बर्बरता पूर्वक लाठी चार्ज कर दिया गया। घटना के संबंध एसएसपी को भी जानकारी दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नेताओं ने कहा कि गुलरिहा थाना क्षेत्र में झूगिया बाजार में शांतिपूर्वक तरीके से सड़क के किनारे से किसान यात्रा निकान रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा बलपूर्वक गिरफ्तार कर गाड़ियों में ठूस दिया गया। पुलिस टीम में महिला पुलिसकर्मी नहीं थी। पुरुष पुलिस कर्मियों द्वारा पिपराइच की पूर्व विधायिका राजमति निषाद, महिला सभा जिलाध्यक्ष बिंद्रा देवी तथा अन्य सपा नेत्रियों को अभद्रतापूर्ण तरीके से गिरफ्तार कर जबरन गाड़ियां में ठूस दिया गया।
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि जनपद में अघोषित आपातकाल का माहौल हो गया है। प्रेस वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी, अमरेंद्र निषाद, अखिलेश यादव, रजनीश यादव, जितेंद्र सिंह, देवेंद्र भूषण निषाद, कीर्ति निधि पांडे, राघवेंद्र तिवारी राजू, हाजी शकील अंसारी, ओम यादव, गवीश दुबे, शब्बीर कुरैशी, शिवशंकर आनंद आदि मौजूद रहे।