प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग उठाई। सपा कार्यकर्ता पुराने बस स्टेशन चौराहे से जुलूस के रूप में तहसील की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसको लेकर पुलिस और सपा नेताओं के बीच नोकझोंक हो गई। स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई और सपा कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर धरना देने लगे।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सपा कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी और नीट पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों पर विरोध जताया।
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इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक हो गई। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। डेढ़ घंटे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग उठाई। सपा कार्यकर्ता पुराने बस स्टेशन चौराहे से जुलूस के रूप में तहसील की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसको लेकर पुलिस और सपा नेताओं के बीच नोकझोंक हो गई।
स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई और सपा कार्यकर्ता सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाया, जिससे डेढ़ घंटे बाद मामला शांत हुआ।
बाद में सपा नेताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण, पेट्रोल-डीजल व घरेलू गैस के दाम कम करने, प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी दूर करने, नीट परीक्षा में कथित धांधली की निष्पक्ष जांच कराने, किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, चौरीचौरा ओवरब्रिज को वाई मॉडल के रूप में निर्माण कराने और सिहोरा घाट पर पक्का पुल बनाए जाने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों के साथ लोकतांत्रिक व्यवहार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से कार्यकर्ताओं को धक्का देकर रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
इस दौरान सांसद रामभुआल निषाद, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दयानंद विद्रोही, लालजी भारती, दयाशंकर निषाद, रंजीत पासवान, बैजनाथ मौर्य, अशोक चौहान, मुन्नीलाल यादव, नरसिंह यादव आदि मौजूद रहे।