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धरने से पहले सपा पर एक्शन: काजल निषाद समेत 6 नेता हाउस अरेस्ट, रात में घर पहुंची पुलिस-सपा बोली- तानाशाही

Wed, 20 May 2026 01:33 PM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

सपा ने सहजनवा क्षेत्र की समस्याओं और गीडा में फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण के विरोध में धरने का ऐलान किया था। पार्टी का आरोप है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और राख से लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। गिरता जलस्तर, मजदूरों से 8 की जगह 12 घंटे काम कराना और किसानों की जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने का मुद्दा भी उठना था।
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काजल निषाद को हाउस अरेस्ट किया गया - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार
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गीडा क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण, गिरते जलस्तर और स्थानीय समस्याओं को लेकर बुधवार को प्रस्तावित समाजवादी पार्टी के धरना-प्रदर्शन से पहले जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए पार्टी के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर दिया। मंगलवार देर रात अलग-अलग थानों की पुलिस संबंधित नेताओं के आवास पहुंची और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया।

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हाउस अरेस्ट किए गए नेताओं में काजल निषाद, पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी, पूर्व विधायक यशपाल रावत, जिला महासचिव रामनाथ यादव, जिला उपाध्यक्ष गीरीश यादव और सहजनवा विधानसभा अध्यक्ष मनीष कमांडो शामिल हैं। सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश गौतम को भी पुलिस ने रोका था, लेकिन लखनऊ कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी देने पर उन्हें छोड़ दिया गया।

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अन्य नेताओं को देर शाम तक छोड़े जाने की बात कही गई है। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी ने सहजनवा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं और गीडा क्षेत्र में फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण के विरोध में बुधवार को धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने की घोषणा की थी। पार्टी नेताओं ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी।

इसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का निर्देश जारी किया। रामगढ़ताल थाने की महिला पुलिस देर रात काजल निषाद के आवास पहुंची और उन्हें घर में ही रोक दिया। वहीं सहजनवा और गीडा थाना पुलिस ने यशपाल रावत, रामनाथ यादव, गीरीश यादव और मनीष कमांडो समेत अन्य नेताओं को उनके घरों से बाहर नहीं निकलने दिया।

प्रदूषण, जलस्तर और मजदूरों के शोषण का उठना था मुद्दा
सपा नेताओं का कहना है कि गीडा क्षेत्र की फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और राख से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा गिरते जलस्तर, फैक्ट्रियों में मजदूरों से आठ घंटे के बजाय 12 घंटे तक काम कराने और किसानों की जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन प्रस्तावित था।

जिला महासचिव रामनाथ यादव ने कहा कि धरना-प्रदर्शन की सूचना पहले ही प्रशासन को दे दी गई थी, इसके बावजूद नेताओं को घरों में नजरबंद करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
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एक्स और फेसबुक पर जताया विरोध
हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद सपा नेताओं ने एक्स और फेसबुक के माध्यम से प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध जताया। काजल निषाद ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, “यह खौफ अच्छा है, होना भी चाहिए। अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने से शासन-प्रशासन में जो डर है, वह साफ दिखाई दे रहा है। इस तानाशाही के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।”
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