गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की व विवाद करने के आरोप में सपा जिलाध्यक्ष नगीना साहनी सहित 62 नामजद सपा नेताओं व 220 अज्ञात के खिलाफ गुलरिहा और चिलुआताल थाने में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने 7 सीएलए, उपद्रव के साथ लोकसेवक पर हमले आदि आरोपों में कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। अलग-अलग धाराओं में पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते सोमवार को मेडिकल कॉलेज के बाल रोग संस्थान में 300 बेड के कोरोना वार्ड का लोकार्पण किया था। इसे सपा नेताओं ने अपनी उपलब्धि बताई और देर शाम मिठाई बांटने मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। सपा नेता व कार्यकर्ता मेडिकल कॉलेज परिसर में घुसने का प्रयास करने लगे तो पुलिस ने रोक दिया।
पुलिस के मुताबिक, सपा नेता कोविड अस्पताल में घुसकर मिठाई बांटने की बात कर रहे थे। इसपर महामारी फैलने और कोरोना वार्ड में मरीजों की दिक्कत की बात बताई गई तो वे उग्र हो गए। सरकारी कामकाज में बाधा डाली गई। 108 एंबुलेंस तक को नहीं जाने दिया गया। राहगीरों व मरीजों को भारी परेशानी हुई। इसके बाद बल प्रयोग करके सबको हटाया गया। गुलरिहा थाने में मेडिकल कॉलेज चौकी इंजार्ज गौरव कन्नौजिया और चिलुआताल में इंस्पेक्टर नीरज राय की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है।
गुलरिहा थाने में इन पर दर्ज हुआ केस
सपा जिलाध्यक्ष नगीना साहनी, अखिलेश यादव, जियाउल इस्लाम, प्रह्लाद यादव, रजनीश यादव, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, अमरेंद्र निषाद, मुन्नीलाल यादव, जय प्रकाश यादव, जितेंद्र सिंह, राघवेंद्र तिवारी राजू, मनोज यादव, अशोक यादव, राहुल यादव, एहतेशाम खान, बिंदा देवी, शब्बीर कुरैशी, संजय सिंह, आजम लारी, विनोद यादव, कपिल मुनी यादव, जितेंद्र यादव, राजेश यादव, अमित सिंह सैंथवार, श्याम यादव, सिराजुद्दीन रहमानी, राहुल गुप्ता, कमलेश यादव, चंदन विश्वकर्मा, गोलू चौधरी, भोला यादव, शिवशंकर गौड़, आफताब अहमद, बाबूराम यादव, जावेद खान, अनुराधा यादव, मनमोहन यादव, अमित यादव, मोहम्मद हसन, बृजेश विश्वकर्मा, सुनील सिंह, सुधीर यादव, चर्चिल अधिकारी, रामप्रीत निषाद, सिकंदर निषाद, त्रिलोकी उर्फ गुड्डू व पार्टी के 150 कार्यकर्ता।