सहजनवां विधानसभा क्षेत्र से शारदा प्रसाद रावत तीन बार विधायक रहे। उनके निधन के बाद पत्नी प्रभा रावत विधायक चुनी गईं। फिर बेटे यशपाल रावत ने पिता की विरासत संभाली और विधायक बने। इस बार यशपाल रावत सपा से चुनावी मैदान में हैं। जबकि, उनके सामने भाजपा ने विधायक शीतल पांडेय का टिकट काटकर क्षेत्रीय महामंत्री प्रदीप शुक्ला को प्रत्याशी बनाया है। बसपा से सुधीर सिंह और कांग्रेस से मनोज यादव इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
अपने समय में निषादों के बड़े नेता बनकर उभरे जमुना निषाद पिपराइच विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और बसपा सरकार में मंत्री भी बने। सड़क हादसे में जमुना निषाद का निधन हो गया और उपचुनाव में उनकी पत्नी राजमती देवी विधायक चुनी गईं। वर्ष 2017 में जमुना की विरासत को संभालने के लिए उनके बेटे अमरेंद्र निषाद चुनाव लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बार फिर अमरेंद्र चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने विधायक महेंद्र पाल सिंह को फिर भाजपा ने टिकट दिया है। वहीं, बसपा से दीपक अग्रवाल और कांग्रेस से पूनम चौहान चुनाव लड़ रही हैं।