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UP: बेटी को खोने के दर्द में नवजात बेटे को दिया उसी का नाम, घर का जर्रा-जर्रा बयां कर रहा दर्द की कहानी

Sun, 02 Aug 2026 04:39 PM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

अस्पताल में भर्ती मां ने जब बेटे को जन्म दिया तो उसके चेहरे पर खुशी की जगह बेटी की कमी का दर्द साफ दिखा। उसने नवजात बेटे को अपनी उस बेटी का नाम दे दिया, जिसे वह खो चुकी है। मां के लिए यह नाम अब सिर्फ एक पहचान नहीं बल्कि उसकी मासूम बच्ची की आखिरी निशानी बन गया है।
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Gorakhpur Child Murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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जिन हाथों में माता-पिता ने बेटी का भविष्य संवारने के सपने देखे थे आज उनमें सिर्फ यादों का सहारा बचा है। उन यादों को संजोने के लिए नवजात बेटे का नाम मृत बेटी के नाम पर रखा है। जिला अस्पताल से मासूम को अगवा कर हैवानियत और हत्या की घटना ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसकी टीस शायद जिंदगी भर कम नहीं होगी। जिस घर में खुशियों की तैयारी थी, उस घर का जर्रा-जर्रा दर्द की कहानी बयां कर रहा है।
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अस्पताल में भर्ती मां ने जब बेटे को जन्म दिया तो उसके चेहरे पर खुशी की जगह बेटी की कमी का दर्द साफ दिखा। उसने नवजात बेटे को अपनी उस बेटी का नाम दे दिया, जिसे वह खो चुकी है। मां के लिए यह नाम अब सिर्फ एक पहचान नहीं बल्कि उसकी मासूम बच्ची की आखिरी निशानी बन गया है।

इधर, 75 वर्षीय दादी के लिए यह हादसा असहनीय बन गया है। जिस पोती को उन्होंने प्यार और दुलार से बड़ा होते देखने का सपना संजोया था, उसकी यादें उन्हें हर पल रुला रही हैं। बच्ची के कपड़े देखते ही उनकी आंखें भर आती हैं। कभी उसे गोद में खिलाने वाली दादी अब उसकी तस्वीरों और सामान को देखकर बिलख उठती हैं।

दादी का कहना है कि मासूम अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उसकी यादें परिवार के हर सदस्य के दिल में जिंदा हैं। मां, पिता और दादी की आंखों में एक ही सवाल है कि जिस बेटी को उन्होंने खो दिया, उसके साथ हुए अन्याय का हिसाब कब होगा? परिवार को उम्मीद है कि दोषी को कड़ी सजा मिलेगी और उनकी बेटी को न्याय मिलेगा।
 

काॅपी-किताबों में तलाश रहे बेटी की मौजूदगी
बच्ची के पिता भी खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं। घर में रखे उसके छोटे-छोटे कपड़े, काॅपी-किताब और अन्य सामान अब परिवार के लिए भावनाओं का सबसे बड़ा सहारा बन गए हैं। पिता जब इन चीजों को देखते हैं तो उनकी आंखों के सामने बेटी की मासूम मुस्कान घूमने लगती है और वह अपने आंसू नहीं रोक पाते।
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सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। सोशल मीडिया पर आरोपी बर्खास्त सिपाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। बड़ी संख्या में लोग आरोपी के एनकाउंटर और उसके घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि मासूम के साथ हुई इस दरिंदगी के दोषी को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जो समाज में कड़ा संदेश दे।
 
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