दरअसल, मृतिका के भतीजे अवनीश नारायण त्रिपाठी ने पुलिस को लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि बुजुर्ग मौसी की स्वाभिविक मौत है और भाई मानसिक रोगी है, इस वजह से सूचना नहीं दिया। पुलिस उसकी बातों को मान गई और पोस्टमार्टम नहीं कराई। जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा इलाके के शिवपुर शहबाजगंज निवासी राम दुलारे मिश्रा कुशीनगर के बोदरवार स्थित एक इंटर कॉलेज में शिक्षक पद रिटायर्ड थे। वह बोदरवार के डोमबरवा के मूलतः निवासी थे। राम दुलारे शिवपुर सहबाजगंज में पत्नी शांति देवी और बेटा निखिल मिश्रा के साथ 1988 मे मकान बनवा कर रहते थे। उनकी 10 साल पहले मौत हो चुकी है। जबकि, बेटा निखिल अपनी मां शांति देवी और अपने पत्नी बच्चों के साथ रहता था। मुहल्ले के लोगों ने बताया कि वह मानसिक रूप से बीमार है, वही शराब पीने का आदी भी है।
15 दिन पहले पत्नी से विवाद करने पर पत्नी मायके चली गई है। 47 वर्षीय निखिल के दो बच्चे है जो दिल्ली में रहकर तैयारी करते हैं। निखिल अपने 82 वर्षीय मां के साथ घर में रहता था। मां शांति देवी गोरखपुर राजकीय इंटर कॉलेज(एडी) से प्रधानाध्यापिका पद से रिटायर्ड थी। पांच दिन पहले मां की मौत होने पर न ही आसपास के लोगों को बताना न दाह संस्कार करना शव को घर में छिपाने पर पुलिस बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की। नशेड़ी होने की वजह से वह कुछ नहीं बता पाया। वहीं, मोहल्ले के लोग इस तरह की घटना से हैरान हैं।