रामदेव ने ब्याज पर डेढ़ लाख रुपये लिए, लेकिन वह बेटे की जान नहीं बचा पाए। रामदेव बेटे के ब्रह्मभोज और नातिन की शादी का कार्ड लेकर फिर जिला सहकारी बैंक पहुंचे और रुपये देने की गुहार लगाई, लेकिन पैसे नहीं मिले।
अब रामदेव को बेटे के ब्रह्मभोज और नातिन की शादी की चिंता सता रही है। साथ ही ब्याज पर लिए डेढ़ लाख रुपये भी उन्हें चुकाने हैं। जिसको लेकर 15 सदस्यीय परिवार तनाव में है। रामदेव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बैंक से रुपये दिलाने की मांग की है।
आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नहीं ले सके लाभ
जिस नरेंद्र के नाम से आयुष्मान योजना कार्ड भी बना था, लेकिन जागरूकता के अभाव में वह इसका लाभ नहीं उठा पाए। इस संबंध में पीपीगंज स्थित जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे बात नहीं हुई। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
जिला सहकारी बैंक के जीएम सच्चिदानंद द्विवेदी ने कहा कि इस मामले की मुझे जानकारी नहीं है। इस संबंध में क्षेत्रीय शाखा प्रबंधक को जांच का आदेश दिया जाएगा। खाताधारक अपने खाते से अपनी जरूरत के मुताबिक रकम निकाल सकते हैं।