गोरखपुर। शहर में लगातार सामने आ रही स्कूली बच्चों से जुड़ी घटनाओं ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। कभी बच्चे के स्कूल से गायब होने की खबर आती है तो कभी बस हादसे में जान जाने की। शहर के कई अभिभावकों ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से स्पष्ट जवाबदेही तय करने की मांग की।
अभिभावक आशा चौधरी ने कहा कि बच्चों की निगरानी की जिम्मेदारी आखिर किसकी है, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि कभी बच्चा स्कूल से गायब हो जाता है तो कभी बस के पहिए के नीचे आ जाता है, ऐसे में सवाल यह है कि आरटीओ और स्कूल प्रबंधन मिलकर कब तक ऐसी स्पष्ट व्यवस्था बनाएंगे कि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
श्रुति पांडे ने कहा कि यह अकेले किसी एक बच्चे या परिवार का मामला नहीं है, बल्कि पूरे शहर के सैकड़ों बच्चे रोज इन्हीं बसों में सफर करते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सुरक्षा मानकों की सख्त निगरानी नहीं होगी, कोई भी अभिभावक यह भरोसा नहीं कर पाएगा कि उनका बच्चा स्कूल से सुरक्षित लौटेगा।
राधिका त्रिपाठी ने कहा कि प्रशासन को समझना चाहिए कि यह सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि पूरे शहर के अभिभावक सहमे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होगी, यह डर कम नहीं होगा।
सतीश चतुर्वेदी ने कहा कि यह सिर्फ एक बच्चे या स्कूल की बात नहीं, बल्कि शहर की पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार और स्कूल दोनों गंभीरता से इस पर काम नहीं करेंगे, तब तक बच्चों को स्कूल भेजने में डर बना रहेगा।