खाद कारखाना परिसर में कौशल विकास केंद्र बनेगा, जिसमें युवाओं को खाद कारखाने के विभिन्न ट्रेडों में काम करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। यहां प्रशिक्षित युवाओं को गोरखपुर एवं अन्य स्थानों पर स्थापित खाद कारखाने में नौकरी मिल सकेगी। राज्य सरकार ने इसके लिए खाद कारखाना परिसर में 20 एकड़ जमीन आवंटित कर दी है। इसका संचालन सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीपेट) के द्वारा किया जाएगा।
वहीं, हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) करीब 47.09 करोड़ के कारपोरेट एनवायरमेंट रिस्पांसिबिलिटी (सीईआर) फंड से विभिन्न कार्य कराएगा। बुधवार को कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के सभागार में बैठक की। इस बैठक में हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के द्वारा सीईआर फंड के तहत 47.09 करोड़ की विभिन्न कार्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
इस दौरान कमिश्नर ने बताया कि परिसर में प्रस्तावित कौशल विकास केंद्र की स्थापना के लिए सरकार द्वारा 20 एकड़ भूमि आवंटित कर दी गई है। साथ ही गोरखपुर निवासियों के कल्याण के कार्यों के लिए एचयूआरएल वर्ष 2023-24 के लिए करीब 85 करोड़ रुपये का लक्ष्य विभिन्न सीईआर गतिविधियों पर व्यय के लिए प्रस्तावित है। इस दौरान अन्य मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
जिसमें प्रमुख रूप से संस्था एवं परिसर में आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग, परिसर में स्थित संस्था अधीन आवासीय परिसर को सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल द्वारा उपयोग में किए जा रहे भवनों को खाली कराने के संबंध में चर्चा हुई। कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में दिशा निर्देश भी दिया।
बैठक में डीएम कृष्णा करूणेश, उपाध्यक्ष जीडीए महेंद्र सिंह तंवर, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार मीणा, एसडीएम सदर नेहा बंधु के साथ संस्था हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीके दीक्षित महाप्रबंधक सीएसआर संजय चावला, मुख्य महाप्रबंधक सुबोध दीक्षित, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड के मनमोहन वी सोमन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।