संतकबीरनगर के जिले के धनघटा क्षेत्र के चकिया गांव निवासी पवन के पार्थिव शरीर को जब शनिवार को उसके छह वर्षीय पुत्र ने मुखाग्नि दी तो सरयू नदी के किनारे मौजूद लोगों की आंखें छलक उठी।
मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करने वाले चकिया निवासी पवन 50 वर्ष विगत 28 अक्तूबर को धनघटा- सिकरीगंज मार्ग पर बसवारी गांव के पास हादसे में घायल हो गए थे। उनका इलाज गोरखपुर में एक निजी अस्पताल में परिजन करवा रहे थे।
शुक्रवार की रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनका शव जब घर पहुंचा तो पत्नी शकुंतला, बेटी नंदनी 17 वर्ष, रिंकी 14 वर्ष और बेटा प्रवीण छह वर्ष रो- रोकर अचेत हो गए।
शनिवार को उनका शव सरयू नदी के बिड़हर घाट पर पहुंचा और वहां उनका छह वर्षीय बेटा प्रवीण पिता की चिता को मुखाग्नि दी तो लोगों की आंखें नम हो गई।