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गोरखपुर में मरीज माफिया: 15 दिन इलाज कर छह लाख वसूले, हालत बिगड़ने पर बीआरडी किया रेफर

Mon, 24 Nov 2025 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

एंबुलेंस चालक ने बेहतर इलाज का हवाला देकर सत्येंद्र को गोरखपुर-देवरिया बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां करीब 15 दिनों तक चले इलाज, दवाओं और दो ऑपरेशन के नाम पर अस्पताल प्रशासन ने लगभग छह लाख रुपये वसूल लिए। परिजनों को रुपये की व्यवस्था के लिए अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती सत्येंद्र - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार
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देवरिया बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल पर घायल मरीज के परिजनों से 15 दिनों के इलाज के नाम पर छह लाख रुपये वसूलने का आरोप लगा है। यही नहीं मरीज की हालत बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद परिजनों ने बीआरडी चौकी पहुंचकर निजी अस्पताल और प्राइवेट एंबुलेंस चालक पर कार्रवाई की मांग की है।

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कुशीनगर जिले के पडरौना थाना क्षेत्र के बेलवा जंगल कटनवार निवासी सत्येंद्र 8 नवंबर को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिर में गंभीर चोटें लगने के कारण पडरौना में सरकारी अस्पताल ले गए। उसी दिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। घायल के भाई सोनू के अनुसार, वहां सरकारी एंबुलेंस आने में देरी हो रही थी तभी उन्हें एक निजी एंबुलेंस वाला मिला। 

एंबुलेंस चालक ने बेहतर इलाज का हवाला देकर सत्येंद्र को गोरखपुर-देवरिया बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। यहां करीब 15 दिनों तक चले इलाज, दवाओं और दो ऑपरेशन के नाम पर अस्पताल प्रशासन ने लगभग छह लाख रुपये वसूल लिए। परिजनों को रुपये की व्यवस्था के लिए अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी।

तीन दिन पहले मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज वार्ड नंबर 15 के बेड नंबर एक पर चल रहा है।
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घायल के भाई सोनू ने मेडिकल चौकी में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी विवेक मिश्रा ने बताया कि मामला रामगढ़ताल थाना क्षेत्र का है। इसकी जानकारी संबंधित थाने को दी जाएगी।

मामला अभी संज्ञान में नहीं है। पीड़ित की शिकायत मिलने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी: डॉ. राजेश झा, सीएमओ
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