महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना में जिले के परतावल व घुघली में हुए लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के अनियमितता के मामले में एसपी द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) मंगलवार को दोपहर जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय पहुंची। वहां पहुंच कर पहले से मौजूद परियोजना निदेशक, उपायुक्त श्रम रोजगार व खंड विकास अधिकारी परतावल से घंटे भर से अधिक समय तक मामले से संबंधित जानकारी ली। जांच टीम ने जिम्मेदारों से कुछ अन्य अभिलेख भी उपलब्ध कराने को कहा है।
मनरेगा योजना के तहत जिले के परतावल ब्लॉक में बिना काम कराए लगभग 26 लाख रुपये के भुगतान का मामला सामने आया था। अभी उसकी जांच चल ही रही थी कि घुघली ब्लॉक में भी लगभग 1.28 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आ गया। मनरेगा में लगातार आए भ्रष्टाचार के मामले व आरोपियों की गहरी जड़ों को देखते हुए प्रशासन ने जहां आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज करा दिया वहीं दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस के जिम्मेदारों से संपर्क किया गया।
प्रशासन की पहल पर पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुप्ता ने विशेष जांच दल गठित करते हुए उसे जांच का निर्देश दिया। टीम अब तक अपनी जांच बाहर-बाहर कर रही थी, मंगलवार को विशेष जांच दल से जुड़े क्राइम ब्रांच के प्रभारी शशांक शेखर राय, सदर कोतवाल मनीष कुमार सिंह तथा टीम के अन्य सदस्य दोपहर लगभग 12.30 बजे जिला ग्रॉम्य विकास अभिकरण कार्यालय पहुंचे।
वहां पर पहले से मौजूद परियोजना निदेशक राजकरन पाल, उपायुक्त अनिल चौधरी तथा खंड विकास अधिकारी परतावल प्रवीण कुमार शुक्ल से मनरेगा घोटाले के संबंध में जानकारी प्राप्त की। परियोजना निदेशक राजकरन पाल ने बताया कि मनरेगा प्रकरण को लेकर पुलिस की टीम ने कार्यालय आकर जानकारी ली है। टीम ने कुछ अन्य जानकारी मांगी है जिसे जल्द ही पूरा कराया जाएगा।
परिसर में पुलिस की मौजूदगी से गर्म रहा चर्चाओं का बाजार
विकास भवन परिसर में दो वाहनों से पहुंचे पुलिस कर्मियों की मौजूदगी से चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। हालांकि डीआरडीए कार्यालय पर पुलिस वाहन के पहुंचने से सभी यह समझ गए कि मनरेगा प्रकरण में ही जांच के लिए पुलिस आई है।