सीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों ने वसूली की बात स्वीकार की है। कैंट पुलिस ने मंगलवार की देर शाम आरोपितों का मेडिकल परीक्षण कराके उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआईटी के प्रभारी सीओ कैंट के अलावा एसओ बेलीपार संतोष सिंह, दरोगा इत्यानंद शुक्ला और कैंट इंस्पेक्टर रवि राय, नवीन सिंह, धीरेंद्र आदि शामिल रहे।
हर ट्रक संचालक से 4 से 5 हजार रुपये वसूली
पुलिस के मुताबिक हाइवे पर ओवरलोड ट्रकों को निकलवाने के एवज में हर संचालक से चार से पांच हजार रुपये वसूले जाते थे। जब अधिकारी नहीं रहते थे तो उनका स्टाफ ( गाड़ी चालक और सिपाही) वसूली करते थे। यह सिलसिला पिछले दस से पंद्रह वर्षों से चल रहा था। सीओ कैंट ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि वसूली का रैकेट देवरिया, बस्ती, संतकबीरनगर, महराजगंज, बलिया, आजमगढ़, जौनपुर, सोनभद्र सहित यूपी के 20-25 जिलों में फैला है। जांच में कई और महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। जल्द ही सबके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपित भी अपने जिले की सीमा से बाहर जाकर वसूली करते थे।