फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Raksha Bandhan: बहनों ने शुभ मुहूर्त में बांधी राखी, भाइयों ने रक्षा का लिया संकल्प

Thu, 31 Aug 2023 04:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

मंगलवार को मध्यरात्रि से दो दिनों के लिए रक्षाबंधन पर शुरू हुई महिलाओं के लिए निशुल्क बस सेवा पहले ही दिन परेशानी का सबब बन गई। रोडवेज की बसें नहीं मिलने से कई महिलाओं को निजी वाहनों से अपने गंतव्य को जाना पड़ा।
विज्ञापन
गोरखपुर जेल में मनाया गया रक्षा बंधन। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रक्षाबंधन पर्व की शुरुआत बुधवार रात नौ बजे से हो गई। रात में भद्रा समाप्त होने के साथ ही शुभ मुहूर्त में कई घरों में बहनों ने भाईयों के कलाई पर राखी बांधी और उनसे रक्षा का संकल्प लिया। बृहस्पतिवार की सुबह रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया।

विज्ञापन


रक्षाबंधन को लेकर बाजार में देर रात तक चहल पहल रही। बहनों ने दुकानों से भाईयों के लिए राखियां व मिठाइयां खरीदीं। वहीं भाईयों ने भी बहनों के लिए उपहार लिए। इधर, सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग में हर्षोल्लास के साथ रक्षाबंधन का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में भैया-बहनों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विद्या भारती, राजस्थान के क्षेत्रीय संगठन मंत्री शिव प्रसाद ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व अनादि काल से मनाया जा रहा है। इससे पूर्व विद्यालय की बहनों ने भाईयों को तिलक लगाकर रक्षासूत्र बांधा। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह, रुक्मिणी उपाध्याय, राम सिंह, जियालाल मौजूद रहे।
विज्ञापन

 

विज्ञापन

महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के प्रार्थना स्थल पर भाई-बहन के प्रेम के पर्व रक्षाबंधन पर अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रधानाचार्य डॉ.अरुण कुमार सिंह ने कहा कि यह प्राकृतिक नियम है कि हम जो बोते हैं वही काटते हैं। इसलिए यदि हम ये चाहते हैं कि हमारी बहन का सम्मान हो तो हमें भी दूसरों की बहन के सम्मान का संकल्प लेना होगा। इसी क्रम क्रम में एसएस एकेडमी स्कूल के छात्राओं ने भी एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई को राखी बांधी।

बसों में नहीं मिली जगह, करते रहे इंतजार
मंगलवार को मध्यरात्रि से दो दिनों के लिए रक्षाबंधन पर शुरू हुई महिलाओं के लिए निशुल्क बस सेवा पहले ही दिन परेशानी का सबब बन गई। रोडवेज की बसें नहीं मिलने से कई महिलाओं को निजी वाहनों से अपने गंतव्य को जाना पड़ा।

बुधवार को दोपहर करीब एक बजे रेलवे बस स्टेशन पर महिलाएं उमड़ पड़ीं, लेकिन उन्हें बस नहीं मिली, जो बस आ भी रही थी, वह भरी रह रही थी। उसमें पैर रखने तक की जगह नहीं थी। देवरिया जाने के लिए खड़ी प्रतिभा देवी ने बताया कि घंटों से बस का इंतजार कर रही हूं, लेकिन अभी तक नहीं मिल सकी। इसके बाद प्रतिभा बस स्टेशन से यूनिवर्सिटी चौराहे पर गईं जहां से उन्हें निजी बस मिली। सबसे ज्यादा दिक्कत लोकट रूटों पर रही। बसें नहीं मिलने से महिलाएं आक्रोश भी व्यक्त कर रही थीं।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें