इसके बदले उसे जीएसटी रिकाॅर्ड में बेचे गए सामान का उल्लेख करना होता है। इसी में बड़े पैमाने पर खेल का मामला सामने आया है। इस तरह के मामलों की शिकायत पर शासन से महाराजगंज में कृषि यंत्रों की खरीदारी की जांच की गई। जीएसटी ने जांच कर इन मामलों में खरीद-बिक्री सही दिखाते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। वहां जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने पर मामले की जांच जीएसटी की एसआईबी को सौंपी गई।
जांच के दौरान सामने आया कि कृषि यंत्रों को खरीदने के नाम पर किसानों और फर्मों ने करीब दो करोड़ रुपये का हेरफेर किया है। इन मामलों में कृषि विभाग और जीएसटी के सत्यापन के बाद ही खरीदारी मिली।
कृषि उपनिदेशक कार्यालय के वरिष्ठ सहायक अजीत कुमार पटेल ने छह अगस्त को 10 कृषि यंत्र बेचने वाले फर्म संचालकों और 104 किसानों पर केस दर्ज कराया था। आरोप है कि इन्होंने नियम विरुद्ध जाकर ये खरीदारी की थी। इसमें जीएसटी की भी चोरी की गई थी।
जीएसटी एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड वन विमल कुमार राय ने कहा कि महाराजगंज की दोनों सेक्टर टीम ने सत्यापन में कुछ गड़बड़ी की है। इसकी जांच चल रही है। शासन से रिपोर्ट तलब हुई है। जांच के बाद जिसकी गलती निकली, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन टीमों ने जीएसटी फर्मों के सत्यापन के कागजी और भौतिकी परीक्षण में कमी की थी।