गणना प्रपत्र एकत्र करके ऑनलाइन फीड करने के लिए सभी बीएलओ को लक्ष्य दे दिया गया है। रोजाना उन्हें कम से कम 100 प्रपत्र एप पर ऑनलाइन फीड करना है। बीएलओ के सामने दिक्कत है कि दिन में सर्वर स्लो होने के चलते काम नहीं कर पा रहे हैं इसलिए रात में फॉर्म से डेटा लेकर ऑनलाइन भर रहे हैं।
विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत फॉर्म भरने में वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) की जरूरत नहीं है। अगर फोन करके खुद बीएलओ बताने वाला शख्स ओटीपी मांगे तो समझ लीजिए कि वह जालसाज है।
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ऐसे में सतर्क रहें वरना आपका बैंक खाता खाली हो सकता है। ऐसी शिकायतें आने के बाद प्रशासन ने लोगों को आगाह किया है कि किसी से ओटीपी मांगा नहीं जा रहा है। ऐसी कॉल आने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
मतदाताओं से गणना प्रपत्र एकत्र करके डिजिटाइजेशन के काम में तेजी आई है। तीन दिनों में 12 फीसदी मतदाताओं का विवरण ऑनलाइन कर दिया गया है। रविवार की शाम तक 18.13 फीसदी मतदाताओं का नाम दर्ज कर लिया गया। वहीं, प्रशासन का दावा है कि करीब 70 फीसदी लोगों तक गणना प्रपत्र पहुंचा दिया गया है।
चार दिसंबर 2025 तक गणना प्रपत्र देने और एकत्र करने की तिथि है। नौ दिसंबर से दूसरे फेज का काम शुरू होगा। इस दौरान जिन लोगों ने 2003 का विवरण नहीं दिया है उनसे निवास के दस्तावेज मांगे जाएंगे।
एसआईआर के दौरान सिर्फ फाॅर्म दिया जा रहा है और उसे भरकर मतदाता को देना है। इसमें किसी तरह की ओटीपी की जरूरत नहीं है। अगर कोई ओटीपी मांगता है तो वहा फ्रॉड है। इसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दें। अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। गणना प्रपत्र भरने का काम तेजी से कराया जा रहा है। रोजाना 8 से 10 फीसदी का लक्ष्य तय किया गया है। इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है: दीपक मीणा, डीएम
हर बीएलओ को मिला लक्ष्य
गणना प्रपत्र एकत्र करके ऑनलाइन फीड करने के लिए सभी बीएलओ को लक्ष्य दे दिया गया है। रोजाना उन्हें कम से कम 100 प्रपत्र एप पर ऑनलाइन फीड करना है। बीएलओ के सामने दिक्कत है कि दिन में सर्वर स्लो होने के चलते काम नहीं कर पा रहे हैं इसलिए रात में फॉर्म से डेटा लेकर ऑनलाइन भर रहे हैं।
बेतियाहाता में रविवार को लगे कैंप में एक महिला बीएलओ ने बताया कि रात एक से दो बजे तक डेटा फीड करना पड़ा रहा है। सुबह से ही लोगों के घर जा रही हूं। बहुत सारे घरों पर फाॅर्म भरकर नहीं मिल रहा है।
फॉर्म के दूसरे और तीसरे कॉलम ने छकाया
बीएलओ भी मतदाताओं की दुविधा को दूर नहीं कर पा रहे हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची न मिल पाने से मतदाता परेशान हैं। बीएलओ से जो गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए हैं उसमें तीन भाग है। पहला भाग तो मतदाता आसानी से भर ले रहे है, लेकिन परेशानी दूसरे व तीसरे भाग को लेकर है।
दूसरे भाग में वर्ष 2003 के हिसाब से जानकारी देनी है, जबकि तीसरे भाग में जिन मतदाताओं के नाम 2003 नहीं है उनको जानकारी देनी है। 2003 की मतदाता सूची न मिलने से मतदाता असमंजस में हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पिछले चुनाव में मतदान किया था और लगातार मतदान करते आ रहे हैं।
लोगों को संदेह है कि प्रपत्र का सिर्फ एक भाग भरने से कहीं उनका नाम सूची से कट न जाए। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अधूरे फॉर्म भी स्वीकार किए जाएंगे। अगर दस्तावेज की जरूरत होगी तो दूसरे चरण में लिया जाएगा। इसलिए, किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
दो घंटे खराब हो गए, नहीं मिला फॉर्म
गोरखपुर। रविवार को बेतियाहाता में लगे शिविर में पहुंचे मतदाताओं को सबसे ज्यादा दिक्कत पिछली सूची में अपना नाम खोजने में हो रही है। ज्यादातर मतदाता ऑनलाइन सूची में अपना नाम नहीं खोज पा रहे हैं जबकि बीएलओ के पास मौजूद सूची में उनका नाम नहीं है।
बताया जा रहा है कि बाद में मतदान केंद्र बदल गया है इसलिए आप वहीं जाइए। फॉर्म जमा करने पहुंचे प्रशांत कुमार ने बताया कि उन्हें घर पर फॉर्म नहीं मिला, आज शिविर में आया था लेकिन यहां भी फॉर्म नहीं मिला। दो घंटे तक फॉर्म छांटता रहा लेकिन नहीं मिला अब घर जा रहा हूं।
ऑनलाइन भरने की कोशिश करुंगा। वहीं बीएलओ गरिमा सिंह ने बताया कि कुछ मतदाताओं के पास माता-पिता का वोटर आइडी नहीं है। ऐसे लोगों को समझाया जा रहा है कि जितना विवरण उनके पास है वह भर दें। अगर 2003 को डेटा नहीं है तो भी फॉर्म जरूर भरें, दूसरे चरण में उनसे दस्तावेज लिए जाएंगे।
हर विधानसभा से सम्मानित होंगे दस बीएलओ
एसआईआर के तहत अपने बूथ पर शत-प्रतिशत मतदाताओं का विवरण डिजिटाइजेशन करने वाले प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 10-10 बीएलओ को प्रशासन सम्मानित करेंगे। इसी क्रम में डीएम ने चौरीचौरा विधानसभा के बीएलओ आदर्श कश्यप को सबसे पहले अपने बूथ के शत-प्रतिशत मतदाताओं का डिजिटाइजेशन करने पर सम्मानित किया है।