बांसी क्षेत्र के जिगनिहवा से जालहेखोर को जाने वाली सड़क पर कंटीले पेड़। संवाद
बांसी। क्षेत्र के जिगनिहवा से जाल्हेखोर सड़क पर डंड़वाघाट गांव के निकट लगभग 400 मीटर तक सड़क की दोनों पटरियों पर बैर के कांटेदार पौधों ने खतरनाक रूप ले लिया है। हालात यह है कि दोपहिया वाहन चालक जरा-सा भी किनारे होते ही झाड़ियों में फंसकर जख्मी हो रहे हैं। वहीं चारपहिया वाहन चालकों की गाड़ियों पर खरोंच पड़ना आम बात हो गई है। जिम्मेदार इससे बेखबर हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, डंड़वाघाट मार्ग पर बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। इस मार्ग पर दोनों तरफ बेर के पौधे उग जाने से लोगों को परेशानी हो रही है। इसी मार्ग पर गोस्वामी तुलसीदास उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय डंड़वाघाट और जय मां सरस्वती शिशु मंदिर स्थित हैं। प्रतिदिन इन विद्यालयों के बच्चे झाड़ियों के कांटों से फंसकर चोटिल हो रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य रवींद्रनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि अक्सर बच्चे फटे कपड़ों और खरोंचों के साथ स्कूल पहुंचते हैं।
ग्रामीण संतोष पाण्डेय, राहुल द्विवेदी, सुनील यादव, ओमकार द्विवेदी, साधू पांडेय और हरिराम दुबे ने बताया कि अगर जल्द इन कटीले पेड़ों के डंठल को काटकर सड़क को सफाई नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
इस संबंध में अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी विवेक कुमार राय ने कहा कि मामला अब संज्ञान में आया है। कल ही निरीक्षण कर झाड़ियां कटवाने की कार्रवाई की जाएगी।