-माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में रोजाना पहुंच रहे 70 से 80 मरीज
सिद्धार्थनगर। गर्मी और उमस के साथ बारिश के मौसम में फंगल इंफेक्शन की समस्या बढ़ गई है। नमी और पसीने के कारण लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। सबसे ज्यादा पांव की उंगलियों में संक्रमण हो रहा है। इसके साथ ही बदलता तापमान, बारिश में भीगने, गंदे पानी के संपर्क और पसीने की नमी त्वचा से जुड़ी समस्याओं का कारण बन रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के स्किन रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. अरफुल ने बताया कि इन दिन त्वचा में सबसे ज्यादा फंगल इंफेक्शन होता है। गर्मी, पसीना और बारिश के पानी के संपर्क में आने से त्वचा लाल हो जाती है और खुजली व छाले पड़ने शुरू हो जाते हैं और वह फैल जाता है। इससे बचने के लिए त्वचा को साफ, सूखा और हाईजीनिक रखें। दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
फंगल इंफेक्शन के लक्षण
फंगल इंफेक्शन खुजली व पसीने वाले हिस्सों में होता है। इसके साथ ही त्वचा के छिलने या फटने के साथ कभी बदबू भी आने लगती है। छाले या जलन का एहसास होता है। समय पर इलाज न हो तो ये इंफेक्शन फैल सकता है और दूसरों को भी संक्रमित कर सकता है।
फंगल इंफेक्शन से बचाव
फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए त्वचा को सूखा और साफ रखना जरूरी है। नमी फंगल इंफेक्शन का सबसे बड़ा कारण है। इसलिए त्वचा को ड्राई रखना सबसे जरूरी है। गर्मी व बरसात के दिनों में हल्के और सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा लगती रहे। गीले कपड़े और जूते तुरंत बदलने चाहिए। गीले जूते पहनने से फंगल इंफेक्शन खासकर एथलीट फुट का खतरा बढ़ता है। जिन लोगों को पसीना बहुत ज्यादा आता है। उन लोगों को एंटी फंगल पाउडर या क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए।