कॉलेज के बाहर एक चाय की दुकान पर उसका अड्डा था, जहां उसके साथी इंतजार करते थे। विनोद पहले यामहा मोटरसाइकिल से चलता था। इस दौरान वह एक करीबी को जरूर साथ रखता था। विनोद की इस करीबी से दोस्ती भी सेंट एंड्रयूज कॉलेज में हुई थी। बाद में दोनों का नाम कई वारदातों में सामने आया। इसके बाद विनोद ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की ओर रुख किया।
गोलघर चौराहे में फायरिंग कर पहली बार सुर्खियों में आया था विनोद
वर्ष 2002 में विनोद उपाध्याय ने छात्रसंघ चुनाव में एक छात्रनेता के नामांकन जुलूस में गोलघर में कई राउंड फायरिंग की थी। उसके साथ उसका पूरा गिरोह भी था। इस घटना से युवाओं में वह चर्चा का विषय बन गया। यहीं से गोलघर के व्यापारियों में उसने दहशत बनाने की कोशिश की।