- आर्ट पेपर पर रंगीन चित्रों के साथ प्रकाशित हुई श्रीमद्भागवत
- पहली खेप में तीन हजार प्रतियां तैयार, आज से बाजार में आएगी
- वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार और अयोध्या की शाखाओं में भेजी जाएंगी पुस्तकें
गोरखपुर। अब पाठक एक ही पुस्तक में हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत में श्रीमद्भागवत गीता पढ़ सकेंगे। गीताप्रेस ने बदलते समय और पाठकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीनों भाषाओं में गीता का प्रकाशन किया है। आर्ट पेपर पर रंगीन चित्रों के साथ प्रकाशित यह पुस्तक आकर्षक होने के साथ लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिहाज से भी सुविधाजनक है। इससे पाठकों को अलग-अलग भाषाओं में गीता की पुस्तकें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पुस्तक की पहली खेप में करीब तीन हजार प्रतियां तैयार की गई हैं। पुस्तक सोमवार से बाजार में उपलब्ध होगी। मांग को देखते हुए इसकी प्रतियां गीताप्रेस की वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार और अयोध्या स्थित शाखाओं में भेजी जाएंगी। कुछ प्रतियां नेपाल भी भेजी जाएंगी। करीब 300 रुपये कीमत वाली इस पुस्तक में संस्कृत के मूल श्लोक के साथ हिंदी और अंग्रेजी पाठ दिया गया है।
आर्ट पेपर पर रंगीन चित्रों के कारण पुस्तक आकर्षक होने के साथ रखरखाव के लिहाज से भी बेहतर है। एक ही पुस्तक में तीन भाषाओं में गीता उपलब्ध होने से अलग-अलग भाषाओं की पुस्तक खरीदने की जरूरत नहीं होगी।
बदलते समय और पाठकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन भाषाओं में गीता प्रकाशित की गई है। पहली खेप में करीब तीन हजार प्रतियां प्रकाशित हुई हैं। इसकी मांग को देखते हुए विभिन्न शाखाओं में प्रतियां भेजी जाएंगी।
- लालमणि तिवारी, प्रबंधक, गीताप्रेस