दो नाबालिगों से छेड़खानी और घर पर कब्जा करने के आरोपित राम नारायण गुप्ता को थाने से छोड़े जाने के मामले की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है। उधर, बेटियों ने मां को घर से बाहर कर दिया है। उनका कहना है कि पिता की मौत के बाद जब मां की जरूरत थी तो वह दूसरे के साथ चलीं गई और अब मकान भी बेचना चाहती है तो फिर उनके साथ रहना खतरे से खाली नहीं। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। छेड़खानी के मामले में पुलिस बच्चियों का बयान तक नहीं दर्ज करा सकी है।
बेटियों की देखभाल करने वाले ग्राम प्रधान खड़क बहादुर यादव के मुताबिक, बच्चियां मां के साथ रहने के लिए तैयार नहीं हैं। गांव के कई लोग बच्चियों के बुलाने पर गए थे और पुलिस को आरोपित पर कार्रवाई करना चाहिए। बुधवार को जनता दरबार में बच्चियों ने शिकायत की थी कि उनके घर पर कब्जा किया जा रहा है और आरोपित शख्स पुलिस की शिकायत लेकर पहुंचा था। मुख्यमंत्री ने पूरा मामला सुनने के बाद आरोपित की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया।
उसके बाद पुलिस ने आरोपित राम नारायण गुप्ता को पकड़ लिया था। गुलरिहा थाने में राम नारायण पर छेड़खानी का केस दर्ज होने की वजह से गुलरिहा पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। उसी रात पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के ही आरोपित को छोड़ दिया। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान तक भी पहुंच चुका है। उधर, एसएसपी ने पूरे प्रकरण की जांच सीओ चौरीचौरा को सौंपी है। जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है।
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया- मामले की जांच सीओ चौरीचौरा कर रही हैं। अभी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।